भोपाल में गूंजेगी BRICS देशों की सांस्कृतिक एकता, आज घोषणा पत्र से लेकर भव्य महोत्सव तक कई अहम आयोजन
दूसरे दिन कार्य समूहों की ओर से तैयार की गई सिफारिशों पर विचार किया जाएगा, जो आगामी मंत्रिस्तरीय बैठक में संस्कृति मंत्रियों के लिए आधार तैयार करेंगी। इन चर्चाओं के जरिए BRICS देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में साझा सहमति विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर परिसर में तीन विशेष प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इनमें ज्ञान भारतम, प्रोजेक्ट मौसम और प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत शामिल हैं। इन प्रदर्शनों के माध्यम से भारत की समृद्ध पांडुलिपि परंपरा, समुद्री सांस्कृतिक संपर्क, प्राचीन सभ्यताओं के बीच संबंध और सांस्कृतिक कूटनीति की विभिन्न पहलुओं को दर्शाया गया है। इन प्रदर्शनियों को आम लोगों के लिए भी खोला गया है ताकि नागरिक भी भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को करीब से देख सकें।
सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों के लिए मध्य प्रदेश की पारंपरिक मेहमाननवाजी भी विशेष आकर्षण बनी हुई है। दोपहर और रात्रिभोज में दाल-बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया, बड़ा तथा कोदो-कुटकी जैसे मिलेट आधारित पारंपरिक व्यंजन परोसे जा रहे हैं। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की पसंद को ध्यान में रखते हुए पश्चिमी और ओरिएंटल व्यंजनों की भी विशेष व्यवस्था की गई है।
शाम को रविंद्र भवन में आयोजित होने वाला BRICS सांस्कृतिक महोत्सव सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इसमें सदस्य और भागीदार देशों के कलाकार अपनी पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। भारतीय शास्त्रीय संगीत, लोककलाओं और विभिन्न देशों की सांस्कृतिक झलकियों से सजा यह कार्यक्रम सांस्कृतिक एकता और वैश्विक सद्भाव का संदेश देगा।
7 अगस्त को BRICS देशों के संस्कृति मंत्री औपचारिक रूप से सम्मेलन में शामिल होंगे। इस अवसर पर आयोजित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम में सर्वे भवन्तु सुखिनः की मंगल कामना के साथ भारतीय संगीत की विविध परंपराओं का प्रदर्शन होगा। साथ ही BRICS पीस सॉन्ग के जरिए सदस्य देशों की सांस्कृतिक विविधता और एकता को संगीत के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा मध्य प्रदेश संस्कृति विभाग की भव्य प्रस्तुति अमृतस्य मध्य प्रदेश में भीमबेटका, सांची, खजुराहो, उज्जैन, ओंकारेश्वर, नर्मदा और प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति को नृत्य और संगीत के जरिए जीवंत किया जाएगा।
8 अगस्त को भारत की अध्यक्षता में तीसरी BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक आयोजित होगी, जिसमें सांस्कृतिक सहयोग को लेकर साझा घोषणा पत्र को अंतिम रूप दिया जाएगा। बैठक के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सांची का भ्रमण करेगा, जहां उन्हें बौद्ध विरासत, योग, ध्यान और विशेष लाइट एंड साउंड शो का अनुभव कराया जाएगा। सम्मेलन के समापन के बाद 9 अगस्त को इच्छुक प्रतिनिधियों के लिए भीमबेटका शैलाश्रयों के भ्रमण की भी व्यवस्था की गई है, जिससे वे भारत की प्रागैतिहासिक सांस्कृतिक धरोहर से परिचित हो सकें।
