March 9, 2026

भोपाल का पानी 'जहर', 7 जगह इंदौर से भी ज्यादा दूषित, पीने पर रोक

0
morena-1767943306
groundwater pollution

भोपाल। भोपाल के भागीरथपुरा, आदमपुर छावनी, हरिपुरा, पड़रिया, शांति नगर, अर्जुन नगर, कोलुआ, खानूगांव और वाजपेयी नगर में ग्राउंड वाटर इतनी दूषित हो चुकी है कि इसे पीना तो दूर, हाथ-मुंह धोने या बर्तन साफ करने के लिए भी इस्तेमाल करना खतरनाक है। पानी में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई, विब्रियो कोलेरी और प्रोटोजोआ जैसे घातक बैक्टीरिया पाए गए हैं। वहीं, इसमें आयरन की मात्रा सामान्य स्तर से 100 गुना ज्यादा है, जिससे हेमोक्रोमैटोसिस जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा है।

भोपाल नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक, इस पानी में कैंसर, हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-ए जैसी बीमारियों का कारण बनने वाले बैक्टीरिया मौजूद हैं।

नल से आने वाला पानी कुछ ही मिनटों में लाल हो जाता है और बदबू इतनी तीव्र होती है कि सांस लेना मुश्किल हो जाता है। टीडीएस (टोटल डिसॉल्व्ड सॉलिड्स), कैल्शियम, टोटल हार्डनेस, सल्फेट और कोलीफॉर्म भी उच्च मात्रा में पाए गए हैं।

स्थानीय लोग अब पूरी तरह से पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं। आदमपुर खंती और पड़रिया के इलाकों में लोग भूजल का पानी पीने के बजाय, केवल फसलों की सिंचाई और साफ-सफाई में इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ इलाकों में तो हैंडपंप से लाल और बदबूदार पानी निकल रहा है, जिसे देखकर लोग पीने से डर रहे हैं।

पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष पांडे के मुताबिक, जनवरी 2018 से भोपाल का कचरा आदमपुर खंती में डंप किया जा रहा है, जिससे आसपास के 7 गांवों का भूजल गंभीर रूप से प्रदूषित हो चुका है। डंपिंग साइट पर फिलहाल 14 लाख टन कचरा जमा है, जिससे लिक्विड रसायन (लीचेट) निकलकर पानी को और दूषित कर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भोपाल का भूजल इंदौर से भी ज्यादा गंभीर स्थिति में है।

आदमपुर खंती और आसपास के इलाकों में भूजल में आयरन और क्रोमियम भी मिले हैं, जो लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं और कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं। CPCB और MPPCB की रिपोर्ट्स में भी यह तथ्य सामने आया है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भोपाल से प्रतिदिन लगभग 850 टन कचरा निकलता है, जिसमें से 800 टन कचरा प्रोसेसिंग के लिए खंती भेजा जाता है। लेकिन यूनिट की क्षमता केवल 420 टन है, जिससे कचरे का ढेर लगातार बढ़ता जा रहा है और आसपास के गांवों का पानी दूषित होता जा रहा है।

भोपाल के खानूगांव, आदमपुर छावनी और वाजपेयी नगर का पानी फेल सैंपल्स दे चुका है। पानी में पाया गया ई-कोलाई बैक्टीरिया वही है, जो इंदौर के भागीरथपुरा में पाया गया था और जिसके कारण अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है।
भोपाल का ग्राउंड वाटर वर्तमान में पीने योग्य नहीं है और स्थानीय लोगों को सुरक्षित पानी की तत्काल आवश्यकता है। प्रशासन और पर्यावरण एजेंसियों को मिलकर पानी की सफाई और कचरा प्रबंधन के लिए सख्त कदम उठाने होंगे, ताकि जनता की जान और स्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *