भोपाल में शेफ की आत्महत्या सुसाइड नोट में लिखा कर्ज चुका दिया फिर भी रोज मांग रहे थे 10 हजार रुपये ब्याज
परिजनों के अनुसार रामश्रवण मंगलवार दोपहर काम पर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। बाद में कलियासोत क्षेत्र में उनका शव पेड़ से लटका मिला। सुसाइड नोट में लिखे मोबाइल नंबर के आधार पर पुलिस ने परिवार को सूचना दी। बुधवार सुबह पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी।
मौके से मिले सुसाइड नोट में मृतक ने आरोप लगाया कि मकान निर्माण के लिए उसने एक व्यक्ति से लगभग 3.70 लाख रुपये उधार लिए थे। नोट के अनुसार उसने पूरी मूल राशि चुका दी थी, लेकिन इसके बावजूद उससे प्रतिदिन 10 हजार रुपये ब्याज की मांग की जा रही थी। मृतक ने यह भी लिखा कि एक निजी फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट लगातार उस पर दबाव बना रहे थे, जिससे वह गहरे मानसिक तनाव में आ गया था।
रामश्रवण के भाई अरुण पटेल ने बताया कि परिवार ने कर्ज चुकाने के लिए अपने गहने तक गिरवी रख दिए थे। इसके बावजूद वसूली करने वाले लगातार दबाव बना रहे थे। परिवार का कहना है कि पिछले कुछ समय से रामश्रवण बेहद तनाव में था और इसी कारण उसने यह कदम उठाया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि तीन दिन पहले रामश्रवण को चुनाभट्टी थाने बुलाया गया था, जहां उस पर कर्ज चुकाने का दबाव बनाया गया। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी उनके संज्ञान में नहीं है।
रातीबड़ थाना प्रभारी रास बिहारी शर्मा के अनुसार शुरुआती जांच में आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि परिजनों ने यह भी जानकारी दी है कि चार दिन पहले रामश्रवण ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन उस समय उसकी जान बच गई थी।
पुलिस अब सुसाइड नोट की हैंडराइटिंग का परीक्षण कराएगी। साथ ही मोबाइल कॉल डिटेल, वित्तीय लेन-देन और नोट में जिन लोगों का उल्लेख किया गया है, उनसे पूछताछ भी की जाएगी। जांच का एक अहम पहलू यह भी होगा कि कहीं कर्ज वसूली के नाम पर अवैध वसूली, धमकी या प्रताड़ना तो नहीं की गई।
पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
