March 11, 2026

भोपाल में निगम की सख्त कार्रवाई: कल्पना नगर कम्यूनिटी हॉल से हटाया अवैध कब्जा, मदरसा संचालन की शिकायत पर भवन कराया खाली

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भोपाल। भोपाल नगर निगम ने शहर में अतिक्रमण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए कल्पना नगर स्थित एक कम्यूनिटी हॉल को अवैध कब्जे से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई कॉलोनीवासियों की शिकायत के बाद की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सामुदायिक उपयोग के लिए बने इस भवन पर कब्जा कर वहां मदरसे का संचालन किया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार यह मामला वार्ड क्रमांक 64 के कल्पना नगर इलाके का है, जहां लंबे समय से कम्यूनिटी हॉल में निजी गतिविधियां संचालित होने की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्थानीय निवासियों ने नगर निगम को लिखित शिकायत देकर बताया था कि जिस भवन का उपयोग क्षेत्र के सामाजिक कार्यक्रमों और सामुदायिक गतिविधियों के लिए होना चाहिए, वहां अवैध रूप से मदरसा चलाया जा रहा है, जिससे कॉलोनीवासियों को असुविधा हो रही है।

शिकायत मिलने के बाद नगर निगम के जोन क्रमांक 15 के अधिकारियों ने मामले की जांच कराई। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित संचालिका को भवन खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया था। जोनल अधिकारी ठाकुर सिंह की ओर से संचालिका रूशदा सुल्तान को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि कम्यूनिटी हॉल से तत्काल सामान हटाकर भवन खाली कर दिया जाए।

हालांकि तय समय सीमा बीतने के बाद भी जब भवन खाली नहीं किया गया तो निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया। बुधवार को अतिक्रमण निरोधक दस्ते और जोन क्रमांक 15 के अमले ने संयुक्त रूप से मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। टीम ने कम्यूनिटी हॉल में रखा सामान हटवाया और भवन को पूरी तरह खाली कराकर नगर निगम के कब्जे में ले लिया।

कार्रवाई के दौरान निगम अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी सार्वजनिक संपत्ति पर अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सामुदायिक भवनों का उपयोग केवल सार्वजनिक और सामाजिक कार्यों के लिए ही किया जा सकता है। यदि कोई व्यक्ति या संस्था इन भवनों का निजी उपयोग करती पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों की लगातार निगरानी की जा रही है और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। निगम ने यह भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे अन्य मामलों की भी जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि सामुदायिक भवनों का उपयोग उनके वास्तविक उद्देश्य के अनुसार ही हो सके।

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