July 22, 2026

महिला आयोग की सुनवाई में भावुक कर देने वाला मामला बच्चों ने पिता पर लगाए अफेयर और घरेलू हिंसा के आरोप

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नई दिल्ली । मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया। दो नाबालिग बच्चे अपनी मां के लिए न्याय की गुहार लेकर आयोग पहुंचे और अपने ही पिता पर गंभीर आरोप लगाए। बच्चों का कहना था कि उनके पिता का पड़ोस में रहने वाली एक शादीशुदा महिला से पिछले चार वर्षों से संबंध है। इस रिश्ते का विरोध करने पर वह उनकी मां के साथ मारपीट करते हैं और कई बार उन्हें भी प्रताड़ित किया जाता है। लगातार घरेलू तनाव के कारण उनकी मां गहरे अवसाद में चली गई हैं और आत्महत्या का प्रयास भी कर चुकी हैं।

बच्चों ने आयोग के सामने बताया कि इस मामले की शिकायत पहले भी पुलिस से की गई थी। उस समय उनके पिता ने शपथ पत्र देकर दोबारा ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया था लेकिन इसके बावजूद उनका व्यवहार नहीं बदला। बच्चों का आरोप है कि संबंधित महिला के भी तीन बच्चे हैं और वह आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उक्त महिला ने उनके पिता से आर्थिक मदद ली लेकिन अब तक राशि वापस नहीं की है।

बच्चों ने आयोग से अपनी मां की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। आयोग ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।

इसी जनसुनवाई के दौरान एक अन्य पारिवारिक विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान भी हुआ। पति और पत्नी दोनों पक्ष आयोग के सामने उपस्थित हुए। समझाइश और बातचीत के बाद दोनों साथ रहने पर सहमत हो गए। महिला ने आगे किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं करने की इच्छा जताई जबकि पति ने भी परिवार में आपसी विश्वास और सम्मान के साथ जीवन बिताने का आश्वासन दिया।

जनसुनवाई में एक औद्योगिक हादसे से जुड़ा मामला भी सामने आया। मंडीदीप स्थित एक फैक्ट्री के वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों के नीचे दबने से एक कर्मचारी की मौत हो गई थी। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद अब तक उसे उचित मुआवजा नहीं मिला। सुनवाई के दौरान कंपनी का कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ जिस पर महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए अगली सुनवाई में कंपनी के प्रतिनिधि की अनिवार्य उपस्थिति के निर्देश दिए।

महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने स्पष्ट कहा कि यदि अगली सुनवाई में भी कंपनी की ओर से कोई जिम्मेदार अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ तो उसके खिलाफ वारंट जारी करने जैसी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए आयोग पूरी गंभीरता से काम करेगा।

मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में घरेलू हिंसा कार्यस्थल पर प्रताड़ना पारिवारिक विवाद और मुआवजे से जुड़े कुल 18 मामलों पर सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव सदस्य साधना स्थापक और सचिव सुरेश तोमर की मौजूदगी में दोनों पक्षों को सुनकर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। आयोग ने दोहराया कि महिलाओं और पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय दिलाना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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