June 10, 2026

टेक-ऑफ से ठीक पहले रुकी भोपाल की फ्लाइट, रनवे पर दौड़ते विमान में अचानक लगे ब्रेक

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मध्यप्रदेश । मुंबई से भोपाल आने वाले यात्रियों के लिए मंगलवार का सफर उस समय तनावपूर्ण बन गया, जब इंडिगो की एक फ्लाइट को टेक-ऑफ के अंतिम चरण में अचानक रोकना पड़ा। विमान रनवे पर पूरी रफ्तार से उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था और कुछ ही क्षणों में हवा में उड़ने वाला था, तभी पायलट को सिस्टम में तकनीकी गड़बड़ी का संकेत मिला। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्होंने तत्काल टेक-ऑफ निरस्त कर विमान को रोक दिया।

जानकारी के अनुसार, इंडिगो की एयरबस A-321 नियो फ्लाइट ने मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से दोपहर करीब 3:50 बजे भोपाल के लिए उड़ान भरने की प्रक्रिया शुरू की थी। एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मिलने के बाद विमान रनवे पर तेजी से आगे बढ़ रहा था। इसी दौरान कॉकपिट में तकनीकी चेतावनी संकेत दिखाई दिया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत निर्णय लेते हुए विमान के ब्रेक लगाए और उड़ान रोक दी।

अचानक हुई इस कार्रवाई से विमान में सवार 221 यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए घबराहट का माहौल बन गया। कई यात्रियों ने बताया कि विमान के तेजी से दौड़ते हुए अचानक रुकने का अनुभव काफी तनावपूर्ण था। नियमित हवाई यात्री देवाशीष ने कहा कि उस पल सभी यात्रियों को लगा कि कोई बड़ी समस्या आ गई है। हालांकि, चालक दल ने संयम बनाए रखा और यात्रियों को सुरक्षित रखा।

टेक-ऑफ निरस्त होने के बाद विमान को रनवे से हटाकर पार्किंग बे में ले जाया गया। यहां इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने विमान की गहन जांच शुरू की। विमान में हज यात्रा से लौट रहे लगभग 25 यात्री भी सवार थे। भोपाल के राजा भोज एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए परिजन और रिश्तेदार बड़ी संख्या में पहुंचे थे, लेकिन फ्लाइट में हुई देरी के कारण उन्हें लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा।

करीब एक घंटे बाद एयरलाइन की ओर से यात्रियों को तकनीकी जांच और देरी के कारणों की जानकारी दी गई। सभी आवश्यक परीक्षण और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद विमान को दोबारा उड़ान की अनुमति मिली। शाम 6:26 बजे फ्लाइट ने मुंबई से दोबारा उड़ान भरी और रात लगभग 7:40 बजे भोपाल एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की।

हालांकि एयरलाइन ने तकनीकी खराबी की प्रकृति के बारे में कोई विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि टेक-ऑफ के अंतिम चरण में उड़ान रोकना बेहद दुर्लभ स्थिति होती है। इसके बावजूद यदि पायलट को किसी भी प्रकार का तकनीकी संकेत मिलता है तो सुरक्षा नियमों के तहत टेक-ऑफ रद्द करना ही सबसे सुरक्षित और उचित विकल्प माना जाता है।

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि विमानन क्षेत्र में सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाता। पायलट की सतर्कता और तकनीकी टीम की तत्परता के चलते सभी यात्री सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंच सके।

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