July 21, 2026

राजधानी भोपाल को मिली ग्रीन ट्रांसपोर्ट की सौगात, 3 रूट पर शुरू हुआ ई-बसों का ट्रायल

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भोपाल । भोपाल शहर में स्वच्छ और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। सोमवार से राजधानी की सड़कों पर इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू हो गया। बैरागढ़ स्थित डिपो से निकलीं ई-बसें शहर के तीन प्रमुख रूटों पर दौड़ती नजर आईं। फिलहाल यह पांच दिनों का ड्राय रन है, जिसमें यात्रियों को सफर करने की अनुमति नहीं होगी। यदि सभी तकनीकी और संचालन संबंधी परीक्षण सफल रहते हैं तो अगस्त से ये बसें आम लोगों के लिए नियमित रूप से संचालित की जाएंगी।

रविवार को जगदीशपुर में आयोजित प्रदेश कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों ने इन्हीं इलेक्ट्रिक बसों में सफर कर नई व्यवस्था का अनुभव लिया था। इसके बाद सोमवार से ट्रायल रन की औपचारिक शुरुआत कर दी गई।

ड्राय रन के दौरान बसों के संचालन, चार्जिंग सिस्टम, रूट की व्यवहारिकता, यातायात की स्थिति और तकनीकी प्रदर्शन का बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है। अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नियमित संचालन शुरू होने पर यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान बसों का संचालन दो शिफ्टों में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक निर्धारित की गई है।

ई-बसों का संचालन बैरागढ़ डिपो से शुरू होकर पुराने भोपाल, बोर्ड ऑफिस, भोपाल रेलवे स्टेशन प्लेटफॉर्म नंबर-1 और कोलार के बैरागढ़-चीचली मार्ग तक किया जा रहा है। इन रूटों पर ट्रैफिक दबाव, बसों की आवाजाही और चार्जिंग क्षमता का आकलन किया जाएगा। ट्रायल के दौरान कुछ जनप्रतिनिधियों और पार्षदों को भी बसों में बैठाकर फीडबैक लिया जाएगा, ताकि नियमित सेवा शुरू होने से पहले आवश्यक सुधार किए जा सकें।

भोपाल नगर निगम और परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब तक शहर में 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। अगले 10 से 12 दिनों में 20 और नई बसें आने की उम्मीद है। इसके बाद राजधानी में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा और मजबूत होगा तथा सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई गति मिलेगी।

बसों के संचालन को ध्यान में रखते हुए बैरागढ़ डिपो में आधुनिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार कर लिया गया है। यहां 11 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं, ताकि बसों की नियमित चार्जिंग बिना किसी बाधा के हो सके। भविष्य में बसों की संख्या बढ़ने पर चार्जिंग सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से शहर में प्रदूषण कम करने, ईंधन की बचत करने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही यात्रियों को आधुनिक, आरामदायक और कम शोर वाली परिवहन सुविधा मिलेगी। यदि ट्रायल पूरी तरह सफल रहता है तो अगस्त से भोपालवासियों को राजधानी की सड़कों पर नई और पर्यावरण अनुकूल ई-बसों में सफर करने का अवसर मिलेगा।

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