August 18, 2026

करोड़ों कमाने के लालच में खौफनाक साजिश! 17 वर्षीय किशोर की हत्या मामले में 20 साल का युवक और तीन नाबालिग पकड़े गए

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भोपाल । भोपाल में 17 वर्षीय किशोर की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक एक कथित फर्जी डॉक्टर ने करोड़ों रुपये कमाने का लालच देकर किशोर की हत्या की साजिश रची और इस वारदात को अंजाम देने के लिए तीन नाबालिगों समेत अन्य आरोपियों का इस्तेमाल किया। मामले में 20 वर्षीय जोहेब खान 18 वर्षीय आमिर कुरैशी और तीन विधि-विरुद्ध बालकों को पकड़ा गया है। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इस साजिश में और कौन लोग शामिल थे।

पुलिस के अनुसार मृतक किशोर इकबाल मैदान और मोती मस्जिद इलाके में पेन तथा चाबी के छल्ले बेचता था। उसकी मां मजदूर नगर स्थित सुलभ कॉम्प्लेक्स में सफाई का काम करती है। आरोपियों ने करीब एक महीने पहले किशोर से दोस्ती की थी। पुलिस का कहना है कि इसी दोस्ती का फायदा उठाकर उसे वारदात वाली जगह तक ले जाने की योजना बनाई गई।

बताया गया कि 6 अगस्त को दो नाबालिग किशोर के पास पहुंचे और उसे खट्टापुरा के पास कुछ लड़कों से विवाद होने की बात बताई। उन्होंने किशोर से अपने साथ चलने को कहा और बदले में पैसे देने का लालच दिया। पुलिस के मुताबिक किशोर उनके साथ चला गया। रास्ते में एक और नाबालिग उनके साथ जुड़ गया। इसके बाद वे किशोर को गिन्नौरी और किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबीघाट की तरफ ले गए।

पुलिस के अनुसार इस दौरान मुख्य आरोपी जोहेब मोबाइल फोन के जरिए आरोपियों के संपर्क में था। सुनसान जगह पहुंचने के बाद आरोपियों ने किशोर पर हमला कर दिया। पुलिस का दावा है कि इसके बाद उस पर चाकू से वार किए गए जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वीडियो कॉल के जरिए जोहेब से संपर्क किया और आगे के निर्देश लिए।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जोहेब खुद को डॉक्टर बताता था। पुलिस के मुताबिक उसने अपने साथियों को एक वीडियो दिखाकर किशोर के शरीर के एक अंग के बदले बड़ी रकम मिलने का लालच दिया था। इसी कथित लालच को वारदात की मुख्य वजह बताया जा रहा है। पुलिस अब इस दावे की भी जांच कर रही है कि वास्तव में इस तरह के किसी सौदे की योजना थी या आरोपियों को किसी अन्य मकसद से गुमराह किया गया था।

श्यामला हिल्स पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और मृतक का मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि हत्या से पहले और बाद में हुई बातचीत की जानकारी सामने आ सके। आरोपियों के मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच की जा रही है। पुलिस उनके बयानों का मिलान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच सामग्री से कर रही है।

पुलिस को 10 अगस्त को किशोर का शव मिला था। पहचान नहीं होने के कारण शव को दफना दिया गया था। बाद में कपड़ों चप्पलों और हाथ पर बने निशान के आधार पर परिजनों ने उसकी पहचान की। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और अब शव को कब्र से निकालकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने की कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या की पूरी साजिश उसके पीछे की वजह और संभावित अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश जारी है। मामले में सामने आए आरोप पुलिस जांच का हिस्सा हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

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