भोपाल कार लूट केस में बड़ा खुलासा, FIR पर उठे सवाल, वारदात के दो घंटे बाद साथ बैठे मिले आरोपी और फरियादी
पुलिस के अनुसार पंचवटी कॉलोनी निवासी 27 वर्षीय सौरव सीतलानी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित आदित्य शर्मा उर्फ छोटू ने उसे परवलिया स्थित एक ढाबे पर बुलाया था। वहां आदित्य के साथ बाबर उर्फ मंडी मुईन और बुशरान भी मौजूद थे। खाना खाने के बाद सभी लोग सौरव की टाटा टियागो कार से भोपाल लौट रहे थे। आरोप है कि मनुआभान टेकरी के पास आदित्य ने दोस्त से मिलने का बहाना बनाकर कार रुकवाई और इसके बाद चारों ने मारपीट कर कार लूट ली।
हालांकि जांच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज ने इस कहानी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फुटेज के अनुसार लूट की कथित वारदात के लगभग दो घंटे बाद सभी लोग परवलिया रोड स्थित उसी ढाबे पर एक साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि सीसीटीवी में दर्ज समय सही है या किसी तकनीकी कारण से उसमें गड़बड़ी है। इसके लिए ढाबा संचालक से भी पूछताछ की जाएगी।
जांच में फरियादी और मुख्य आरोपी के बीच हुई चैट भी पुलिस के हाथ लगी है जिसमें पैसों के लेनदेन का जिक्र है। इससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि मामला केवल कार लूट का नहीं बल्कि आर्थिक विवाद से भी जुड़ा हो सकता है। पुलिस अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है।
जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार फरियादी पहले एक मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन सट्टा संचालन से जुड़ा रहा है और इस मामले में उसे राजस्थान पुलिस पहले गिरफ्तार भी कर चुकी है। पुलिस को यह जानकारी भी मिली है कि आरोपी भी उसी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी वजह से अब पूरे मामले में सट्टा कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने दो आरोपियों बुशरान और मुईन को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है जबकि मुख्य आरोपी आदित्य समेत अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। लूटी गई टाटा टियागो कार भी अभी तक बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों मोबाइल चैट सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है।
कोहेफिजा थाना प्रभारी लोकेंद्र सिंह ठाकुर का कहना है कि फरियादी का पुराना रिकॉर्ड सामने आया है लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि उसके साथ मारपीट हुई और कार भी छीनी गई। उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश जारी है और सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
