अमेरिका में साइक्लोस्पोरा संक्रमण से दो मौतें दूषित लेट्यूस और पत्तेदार सब्जियों के सेवन से बढ़ा खतरा
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार साइक्लोस्पोरियासिस एक आंतों का संक्रमण है जो साइक्लोस्पोरा नामक सूक्ष्म परजीवी के कारण होता है। यह परजीवी मुख्य रूप से दूषित पानी, फलों और कच्ची पत्तेदार सब्जियों के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है।
प्रारंभिक जांच में मैक्सिको से आपूर्ति किए गए आइसबर्ग लेट्यूस यानी सलाद के पत्ते को इस संक्रमण का मुख्य जरिया माना गया था। यद्यपि बाद की प्रयोगशाला जांच में कुछ विरोधाभासी परिणाम सामने आए, लेकिन महामारी विज्ञान के साक्ष्य इसी आपूर्ति श्रृंखला की ओर संकेत कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण सामान्यतः जानलेवा नहीं होता, लेकिन इसके कारण मरीज को गंभीर दस्त, पेट दर्द, मतली, थकान और अत्यधिक निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। पहले से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों के लिए यह स्थिति अधिक जोखिम भरी साबित हो सकती है।
भारत में भी विशेषकर मानसून के मौसम में दूषित पानी और सब्जियों के जरिए इस प्रकार के परजीवी संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। दिल्ली, मुंबई और मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरी इलाकों के बाजारों में लेट्यूस और कच्ची सब्जियों की भारी मांग के चलते सावधानी बरतने की आवश्यकता जताई जा रही है।
चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि ताजी सब्जियों का सेवन पूरी तरह बंद करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। कच्चे सलाद और सब्जियों को पकाने या खाने से पहले स्वच्छ पानी से अच्छी तरह धोना बेहद आवश्यक है।
खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार होटलों, रेस्तरां और घरों में उपयोग किए जाने वाले सलाद पत्ता, बर्गर और रैप्स में इस्तेमाल होने वाली सब्जियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। संक्रमण के लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सीय परामर्श लेने की सलाह दी गई है।
