August 22, 2026

जिम जॉइन करने से पहले करा लें ये टेस्ट, शरीर में छिपी कमी का चल जाएगा पता

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नई दिल्ली। फिट रहने के लिए नियमित एक्सरसाइज जरूरी है। विशेषज्ञों के मुताबिक, वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम स्तर की शारीरिक गतिविधि करनी चाहिए। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं कर रहा है और अचानक हैवी वर्कआउट शुरू करने की तैयारी में है, तो पहले अपनी सेहत की स्थिति जानना जरूरी है।

जिम शुरू करने के बाद कुछ लोगों को अत्यधिक थकान, चक्कर, मांसपेशियों में ऐंठन या दिल की धड़कन तेज होने जैसी शिकायत हो सकती है। इन्हें हमेशा सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर लंबे समय से एक्सरसाइज से दूर रहे लोगों, अधिक उम्र वालों या पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही हैवी वर्कआउट शुरू करना चाहिए।

CBC से पता चल सकती है खून की कमी

कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) से लाल रक्त कोशिकाओं, सफेद रक्त कोशिकाओं और प्लेटलेट्स समेत कई जरूरी मानकों की जानकारी मिलती है। हीमोग्लोबिन कम होने पर कमजोरी, जल्दी थकान, सांस फूलना और चक्कर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। अगर पहले से लगातार कमजोरी, थकान, पीलिया या सांस फूलने की शिकायत है तो जिम शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

लिपिड प्रोफाइल से समझें हार्ट रिस्क

लिपिड प्रोफाइल में LDL यानी बैड कोलेस्ट्रॉल, HDL यानी गुड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच होती है। अगर कोई व्यक्ति अचानक भारी वर्कआउट शुरू करने वाला है, तो हृदय संबंधी जोखिमों को समझना महत्वपूर्ण है।

खासकर अधिक वजन वाले लोगों, धूम्रपान करने वालों या परिवार में हृदय रोग का इतिहास होने पर डॉक्टर इस जांच की सलाह दे सकते हैं। रिपोर्ट में कोलेस्ट्रॉल या ट्राइग्लिसराइड्स बढ़े हों तो एक्सरसाइज की तीव्रता तय करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लें।

सोडियम-पोटैशियम का बैलेंस भी जरूरी

सोडियम, पोटैशियम और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी या बहुत अधिक पसीना आने जैसी स्थिति में डॉक्टर इलेक्ट्रोलाइट्स की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

इनका स्तर बहुत कम या ज्यादा होना दोनों ही शरीर के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। इसलिए खासकर हैवी वर्कआउट करने वालों को शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना चाहिए।

आयरन, B12 और विटामिन D की भी जांच

अगर पहले से थकान, कमजोरी, हाथ-पैरों में झनझनाहट या मांसपेशियों-हड्डियों से जुड़ी परेशानी है, तो डॉक्टर की सलाह पर आयरन, विटामिन B12 और विटामिन D की जांच कराई जा सकती है। इन पोषक तत्वों की कमी से थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं और व्यायाम के बाद शरीर की रिकवरी प्रभावित हो सकती है।

हर व्यक्ति को सारे टेस्ट जरूरी नहीं

ध्यान रखें कि हर स्वस्थ व्यक्ति के लिए जिम शुरू करने से पहले इन सभी ब्लड टेस्ट की जरूरत हो, ऐसा जरूरी नहीं है। जांच की जरूरत उम्र, मेडिकल हिस्ट्री, लक्षण, फिटनेस लेवल और डॉक्टर की सलाह के आधार पर तय होती है। अगर लंबे समय से एक्सरसाइज नहीं की है या कोई स्वास्थ्य समस्या है, तो वर्कआउट शुरू करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना सबसे सुरक्षित तरीका है।

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