झुर्रियों के लिए घरेलू नुस्खा अपनाने से पहले जानें अलसी और एलोवेरा मिश्रण बनाने का सही तरीका और जरूरी सावधानियां
इस मिश्रण को तैयार करने के लिए सबसे पहले अलसी के बीजों से जेल बनाया जाता है। इसके लिए दो बड़े चम्मच अलसी के बीज लेकर उन्हें एक कप पानी में डालें और मध्यम आंच पर करीब पांच से सात मिनट तक पकाएं। जब पानी गाढ़ा और कुछ चिपचिपा दिखाई देने लगे, तब गैस बंद कर दें।
अलसी और पानी के इस मिश्रण को गर्म रहते हुए बारीक छलनी या साफ सूती कपड़े से छान लें। इससे बीज अलग हो जाएंगे और जेल जैसा पदार्थ बच जाएगा। इसके बाद इस जेल को पूरी तरह ठंडा करना जरूरी है, ताकि आगे इसमें मिलाए जाने वाले दूसरे पदार्थों का टेक्सचर प्रभावित न हो।
ठंडे अलसी जेल में दो बड़े चम्मच एलोवेरा जेल मिलाया जा सकता है। इसके बाद इसमें एक छोटा चम्मच बादाम तेल डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। चम्मच या छोटे व्हिस्कर की सहायता से मिश्रण को कुछ मिनट तक फेंटने पर इसका टेक्सचर अपेक्षाकृत चिकना और क्रीमी हो सकता है।
तैयार मिश्रण को साफ और सूखे कांच के छोटे कंटेनर में रखना चाहिए। इसमें पानी और पौधों से प्राप्त ताजा सामग्री होती है तथा इसमें सामान्य कॉस्मेटिक प्रिजर्वेटिव मौजूद नहीं होते। इसलिए इसे लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखना उचित नहीं है। फ्रिज में रखने के बावजूद खराब होने के संकेतों पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
रंग, गंध या टेक्सचर में बदलाव नजर आए तो मिश्रण का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। घरेलू मिश्रण के लिए एक निश्चित अवधि तक सुरक्षित रहने की गारंटी नहीं दी जा सकती, क्योंकि इसकी स्वच्छता, सामग्री और भंडारण की स्थिति के आधार पर इसकी गुणवत्ता बदल सकती है।
अगर त्वचा इस मिश्रण को सहन करती है तो रात में चेहरा साफ करने के बाद थोड़ी मात्रा लगाई जा सकती है। हल्के हाथों से चेहरे और गर्दन पर इसे लगाया जा सकता है। हालांकि इसे लगाने से झुर्रियां खत्म होने या त्वचा में कोलेजन उत्पादन बढ़ने की गारंटी नहीं है।
दरअसल, अलसी, एलोवेरा और बादाम तेल से बने इस घरेलू मिश्रण को सीधे तौर पर कोलेजन बढ़ाने वाली प्रमाणित क्रीम कहना सही नहीं होगा। इनके त्वचा को मॉइश्चराइज करने या मुलायम बनाए रखने से जुड़े संभावित फायदे हो सकते हैं, लेकिन एंटी-एजिंग और कोलेजन उत्पादन पर मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।
इस मिश्रण का इस्तेमाल शुरू करने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी है। थोड़ी मात्रा हाथ या कान के पीछे की त्वचा पर लगाकर देखें। लालिमा, खुजली, जलन या किसी अन्य प्रतिक्रिया की स्थिति में इसका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। संवेदनशील त्वचा, एलर्जी या पहले से त्वचा संबंधी समस्या होने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है।
त्वचा की देखभाल में पर्याप्त मॉइश्चराइजिंग के साथ धूप से बचाव और नियमित स्किन केयर अधिक महत्वपूर्ण हैं। झुर्रियों या उम्र से जुड़े त्वचा परिवर्तन को लेकर किसी खास उपचार की जरूरत हो तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना अधिक सुरक्षित विकल्प है।
