यूरोपियन पॉलिटिकल कम्युनिटी की हाल ही हुई बैठक में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार आर्मेनिया और अल्बानिया को गलत मिलाने की वजह से नेताओं के बीच हंसी का कारण बने। अल्बानिया के प्रधानमंत्री एडी रामा ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के सामने तंज कसा, जिसके बाद माहौल ठहाकों से गूंज गया। यह घटना तब और चर्चा में आई जब ट्रंप ने खुद को अगस्त में व्हाइट हाउस में कराए गए आर्मेनिया–अजरबैजान शांति समझौते का नायक बताते हुए नोबेल शांति पुरस्कार के लिए योग्य करार दिया।
बार-बार गलतियां, नेताओं की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने हाल ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजरबैजान को ‘अबेर-बैजान’ बोल गए थे और बार-बार अजरबैजान–अल्बानिया के बीच युद्ध खत्म कराने का दावा करते रहे। जबकि असलियत में उन्होंने आर्मेनिया और अजरबैजान के बीच संघर्षविराम कराया था। इससे पहले भी उन्होंने कंबोडिया और आर्मेनिया के बीच झगड़ा खत्म करने जैसी काल्पनिक बातें कही थीं। जबकि दोनों देशों का कोई ऐतिहासिक विवाद नहीं है।
नोबेल का दावा और कश्मीर पर बयान
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में हुए समझौते को अपनी सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनते हुए कहा था कि यह उनके कार्यकाल में खत्म की गई सात जंगों में से एक है और इसके लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। इसी क्रम में उन्होंने कश्मीर मुद्दे को हजार साल पुराना विवाद कहकर फिर से चर्चा में आए थे।