सुशीला कार्की बनी नेपाल को मिली पहली महिला प्रधानमंत्री, अंतरिम पीएम के रूप में शपथ ली
– Sushila Karki Nepal First Female Prime Minister: नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की ने अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। प्रदर्शन और राजनीतिक संकट के बीच उनका चयन नई उम्मीदों का संकेत है।

Sushila Karki Nepal First Female Prime Minister: नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव (Nepal Political Crisis 2025) आया है। देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रहीं सुशीला कार्की (Sushila Karki) ने अब नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री (First Female Prime Minister) के रूप में शपथ ले ली है। शुक्रवार रात 8:45 बजे (स्थानीय समय) राष्ट्रपति निवास शीतल निवास में आयोजित समारोह में उन्होंने पद और गोपनीयता की शपथ ली। देश में सियासी भूचाल और भूकंप के बाद नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने उन्हें शपथ(Interim PM of Nepal 2025) दिलाई। सुशीला कार्की कोई आम चेहरा नहीं हैं। उन्होंने 1979 में कानून का अभ्यास शुरू किया और 2007 में वरिष्ठ अधिवक्ता बनीं और 2009 में सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश नियुक्त हुईं। वहीं जुलाई 2016 से जून 2017 तक सुप्रीम कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश रहीं।
#WATCH | Kathmandu | Nepal's former Chief Justice, Sushila Karki, takes oath as interim PM of Nepal
Oath administered by President Ramchandra Paudel
Video source: Nepal Television/YouTube pic.twitter.com/IvwmvQ1tXW
— ANI (@ANI) September 12, 2025
सुशीला कार्की: जनता में लोकप्रिय हैं
उनकी पहचान ईमानदार, निष्पक्ष और सशक्त महिला नेता के रूप में है। खासकर संक्रमणकालीन न्याय और चुनावी विवादों पर दिए गए उनके फैसलों ने उन्हें जनता में लोकप्रिय बनाया।
सुशीला कार्की: क्यों बनीं अंतरिम प्रधानमंत्री ?
हाल ही में नेपाल में युवाओं के नेतृत्व में हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा। जनता का गुस्सा भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और राजनीतिक अस्थिरता को लेकर फूटा। इसके बाद नेपाल की संसद भंग कर दी गई।
भरोसेमंद और निष्पक्ष नेतृत्व देश को मिला
ऐसे अस्थिर और संवेदनशील समय में, देश को एक भरोसेमंद और निष्पक्ष नेतृत्व की जरूरत थी। इसलिए सेना प्रमुख और राष्ट्रपति के साथ हुई सहमति के बाद, सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में चुना गया।
शपथ ग्रहण: विरोध प्रदर्शनों के बीच
नेपाल में चल रहे प्रदर्शन अभी भी थमे नहीं हैं। खासतौर पर बानेश्वर, सिंह दरबार और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में हिंसा, आगजनी और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। कई सरकारी कार्यालयों, मीडिया संस्थानों और ऐतिहासिक स्थलों को नुकसान पहुँचा है।
अपील: शांति बनाए रखने की
प्रतिनिधि सभा और राष्ट्रीय सभा के अध्यक्षों ने एक संयुक्त बयान में इन घटनाओं की निंदा की है और शांति बनाए रखने की अपील की है। घायलों को इलाज उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया गया है।
क्या रही राष्ट्रपति की भूमिका ?
राष्ट्रपति ने इस पूरे घटनाक्रम में संवैधानिक प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने की कोशिश की है। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि देश को कानून के शासन, नागरिक स्वतंत्रता और राष्ट्रीय एकता की दिशा में आगे ले जाना उनकी प्राथमिकता है।
क्या नेपाल का भविष्य बदलेगा ?
अब सभी की निगाहें सुशीला कार्की पर हैं। एक महिला, जो न्यायपालिका से राजनीति के सबसे ऊंचे पद पर पहुँची है। जनता, खासकर जेन-Z आंदोलन के युवा, उनके नेतृत्व से बड़ी उम्मीदें लगा रहे हैं।
चुनौतियां: जो कार्की के सामने हैं
बहरहाल क्या वह अस्थिरता को स्थिरता में बदल पाएंगी? क्या वे लोकतंत्र को मज़बूत कर पाएंगी? और सबसे जरूरी, क्या वे नेपाल को पारदर्शी और जवाबदेह शासन दे पाएंगी? ये सभी सवाल अब नेपाल की नई प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के सामने हैं।
सुशीला कार्की ने पीएम मोदी की तारीफ में कहा था- मैं उनसे बहुत प्रभावित हूं

Nepal Protest: इससे पहले 11 सितंबर को यह माना जा रहा था कि नेपाल में अंतरिम सरकार का गठन जल्द हो सकता है। इसमें नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की (Sushila Karki) आज देश की अंतरिम प्रधानमंत्री बनेंगी। नेपाली सेना (Nepal Army) और युवा आंदोलनकारियों के बीच बातचीत शुरू हो गई थी। रैपर और काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने भी सुशीला कार्की के नाम का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि देश अतंरिम सरकार के पास जा रहा है।
पीएम मोदी की तारीफ में क्या बोलीं सुशीला कार्की
सुशीला कार्की ने एक इंटरव्यू के दौरान पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मुझ पर पीएम मोदी का अच्छा प्रभाव है। वह नेपाल की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी युवाओं ओ Gen-Z ने मुझ पर विश्वास जताया है। मैं भले ही छोटी अवधि के लिए, लेकिन सरकार की अगुवाई करूंगी। उन्होंने कहा कि मेरी पहली प्राथमिकता उन लोगों का सम्मान करना है, जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान अपनी जान खोई है।
हमारा पहला काम मारे गए लोगों के परिजनों के लिए कुछ करने का होगा। मालूम हो कि सुशीला कार्की नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस रही हैं। उन्होंने साल 2016 में पद भार संभाला था, लेकिन उन पर नेपाल की सरकार ने महाभियोग चलाया था, लेकिन कार्की सुप्रीम कोर्ट गईं। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत देते हुए सरकार के फैसले को पलट दिया।
भारत से सुशीला कार्की का कनेक्शन?
सुशीला कार्की का भारत से भी कनेक्शन रहा हैं। कार्की ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में मास्टर्स किया है। 1979 में उन्होंने वकालात में अपने करियर की शुरुआत की थी, इसके बाद 11 जुलाई 2016 से 6 जून 2017 तक नेपाल की मुख्य न्यायाधीश भी रहीं थीं।
नेपाल: सुधर रहे हैं हालात
नेपाल के हालात धीरे-धीरे सुधर रहे हैं। नेपाल की राजधानी काठमांडू स्थित त्रिभुवन एयरपोर्ट से उड़ानें शुरू हो गई हैं। भारत से एयर इंडिया की विमान ने वहां फंसे भारतीयों को लाने के लिए उड़ान भर दी है। हालांकि, नेपाल की सेना ने एहतियातन तीन जिलों में कर्फ्यू लगा दिया है। कुछ जगहों पर गोलीबारी की खबरें भी सामने आई हैं। नेपाल में तख़्तापलट के बाद भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी देखने को मिल रही है। नेपाली नागरिकों को आई-कार्ड दिखाकर नेपाल जाने दिया जा रहा है।
