भारतीय जीडीपी वृद्धि लेकिन ट्रम्प इसे उल्टा होकर देख रहे हैं
– जीडीपी की ऊंची छलांग
भारतीय जीडीपी वृद्धि, लेकिन ट्रम्प इसे उल्टा होकर देख रहे हैं
देश की अर्थव्यवस्था सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही यानी अप्रैल-जून में 7.8 फीसदी की दर से बढ़ी है। यह पिछली पांच तिमाहियों में सबसे ज्यादा है। इससे पहले जनवरी-मार्च, 2024 के दौरान 8.4 फोसदी दर से बढ़ी थी।
अप्रैल-जून तिमाही में घरेलू सकल उत्पाद यानी जीडीपी की तेज रफ्तार मुख्य रूप से कृषि क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन से प्रेरित है। व्यापार,होटल, वित्तीय और रियल एस्टेट जैसी सेवाओं से भी इसमें मदद मिली। यह अमेरिकी टैरिफ के फैसले से पहले देश की अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। साथ ही, इन आंकड़ों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे की भी हवा निकाल दी, जिसमें उन्होंने भारत को एक मृत अर्थव्यवस्था करार दिया था।
भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है हालांकि, टैरिफ का असर देश को अर्थव्यवस्था पर दूसरी तिमाही में दिखेगा। जुलाई से सितंबर तिमाहो का आंकड़ा नवंबर में जारी होगा।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, कृषि क्षेत्र में 3.7% की वृद्धि दर्ज की गई। 2024-25 की अप्रैल-जून अवधि में यह महज 1.5% बढ़ी थी। चालू वर्ष के अप्रैल-जून में विनिर्माण क्षेत्र को वृद्धि दर मामूली बढ़कर 7.7% रही।