June 25, 2026

ट्रंप का दावा- अमेरिका के दबाव में ईरान, बातचीत सफल नहीं हुई तो फिर होगा एक्शन

0
25-jun-26-1782390099

वाशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि ईरान बातचीत के दौरान लगातार बड़ी रियायतें दे रहा है और अमेरिका की लगभग हर मांग को स्वीकार कर रहा है। ट्रंप ने विश्वास जताया कि दोनों देशों के बीच कूटनीतिक प्रयास सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि यदि परिस्थितियां बदलीं तो सैन्य कार्रवाई का विकल्प अब भी पूरी तरह खुला है।

व्हाइट हाउस में नाटो महासचिव मार्क रूटे के साथ हुई बैठक के दौरान ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ईरान के साथ वार्ता बेहद सकारात्मक माहौल में चल रही है। उन्होंने दावा किया कि तेहरान अब पहले की तुलना में कहीं अधिक लचीला रुख अपना रहा है और अमेरिका की शर्तों को स्वीकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ट्रंप के अनुसार वर्तमान हालात अमेरिका के पक्ष में हैं और बातचीत के नतीजे भी उत्साहजनक दिखाई दे रहे हैं।

रिपब्लिकन सांसदों के साथ बैठक से पहले ट्रंप ने कहा कि अमेरिका मजबूत स्थिति में है और ईरान लगातार समझौते की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में स्थिति और स्पष्ट होगी, लेकिन फिलहाल वार्ता का माहौल बेहद सकारात्मक है। बैठक के बाद भी उन्होंने दोहराया कि ईरान अमेरिकी अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवहार कर रहा है और उसे यह समझ आ चुका है कि अंतरराष्ट्रीय दबावों को नजरअंदाज करना आसान नहीं है।

हालांकि ट्रंप ने बातचीत के साथ-साथ सैन्य विकल्प को भी पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने संकेत दिया कि यदि अमेरिका की सुरक्षा या उसके हितों को कोई खतरा पैदा हुआ तो वाशिंगटन निर्णायक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा। उनका कहना था कि अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हर संभव विकल्प का उपयोग करने में सक्षम है।

इस दौरान ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि ऐसा कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा जिसके तहत ईरान अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी पर किसी प्रकार का शुल्क या नियंत्रण स्थापित कर सके। ट्रंप के अनुसार दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट पर किसी एक देश का दबदबा वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

नाटो महासचिव मार्क रूटे ने भी ट्रंप की ईरान नीति का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए आवश्यक है। रूटे के अनुसार यदि ईरान परमाणु क्षमता हासिल कर लेता है तो इसका खतरा केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों की सुरक्षा भी प्रभावित होगी।

रूटे ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न कर सके। उन्होंने अमेरिका की रणनीति को वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वर्तमान प्रयास केवल क्षेत्रीय स्थिरता ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने के लिए भी जरूरी हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी यह कूटनीतिक दौर आने वाले दिनों में वैश्विक राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बातचीत का यह सिलसिला किसी स्थायी समझौते तक पहुंचता है या फिर तनाव एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंचता है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *