March 10, 2026

अमेरिकी सेना ने समुद्र में गिरे सैन्य उपकरणों को सफलतापूर्वक निकाला, चीन की नजरों से बची तकनीक

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नई दिल्‍ली । अमेरिका ने एशिया के दो बेहद संवेदनशील इलाकों में समुद्र में गिरे अपने अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया है। दक्षिण कोरिया के पश्चिमी समुद्र तट के पास क्रैश हुआ MQ-9 रीपर ड्रोन और साउथ चाइना सागर से एफ-18 फाइटर जेट और एमएच-60 हेलीकॉप्टर को रिकवर किया गया। ये ऑपरेशन अमेरिका की सुरक्षा और तकनीकी श्रेष्ठता के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।

1. MQ-9 रीपर ड्रोन – सियोल के पास क्रैश
कब हुआ था: 24 नवंबर

कहां गिरा: सियोल से करीब 180 किलोमीटर दक्षिण में, माल्डो-री द्वीप के पास पीले सागर में

ऑपरेशन: अमेरिकी वायुसेना और दक्षिण कोरियाई नौसेना ने करीब 20 दिनों में ड्रोन का पूरा मलबा निकाल लिया

उद्देश्य: निगरानी और हमले के लिए तैनात, उत्तर कोरिया की गतिविधियों और पीले सागर में चीन की मौजूदगी पर नजर रखने के लिए

महत्व: ड्रोन की तकनीक सुरक्षित रखना और इसे दुश्मन के हाथों न पड़ने देना

2. फाइटर जेट और हेलीकॉप्टर – साउथ चाइना सागर
कब गिरे: अक्टूबर में USS निमिट्ज एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरते वक्त

कौन से उपकरण: एफ-18 फाइटर जेट और एमएच-60 हेलीकॉप्टर

गहराई: करीब 400 फीट

रिकवरी की तारीख: 5 दिसंबर

महत्व: चीन जैसे देशों के हाथ लगने पर सैन्य तकनीक का नुकसान होने से बचाना

सुरक्षा: उपकरण अब इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के सुरक्षित सैन्य ठिकाने पर भेजे गए हैं

रणनीतिक महत्व
साउथ चाइना सागर को लेकर चीन और कई दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के बीच विवाद लंबा है। चीन लगभग पूरे समुद्री क्षेत्र पर दावा करता है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग मानता है और अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखता है। समुद्र में गिरे अमेरिकी सैन्य उपकरणों की रिकवरी को रणनीतिक सुरक्षा कदम के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका ने समय रहते समुद्र में गिरे अपने महत्वपूर्ण सैन्य उपकरणों को सुरक्षित निकालकर अपनी तकनीक और सुरक्षा सुनिश्चित की। इस ऑपरेशन से यह भी जाहिर होता है कि आधुनिक युद्ध में तकनीक और सुरक्षा का महत्व कितनी तेजी से बढ़ता जा रहा है।

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