ढाका में गैंगवार का खूनी खेल: 127 गैंगों के बीच राजधानी बनी ‘नया ल्यारी’, नाइन स्टार गैंग सबसे ताकतवर
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ढाका में इस समय लगभग 127 सक्रिय गैंग मौजूद हैं, जो वसूली, ड्रग्स तस्करी, जमीन कब्जाने और अवैध कारोबार में शामिल हैं। इन गिरोहों के बीच इलाके के नियंत्रण को लेकर खूनी संघर्ष तेज हो गया है।
चार बड़े गैंगों के बीच सीधा टकराव
हालिया हिंसा में कम से कम चार प्रमुख गैंग एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर लड़ाई पर उतर आए हैं। शहर के कई इलाकों में कुल्हाड़ी, चाकू और अन्य धारदार हथियारों से हत्याएं की जा रही हैं। पुलिस का कहना है कि यह पूरा संघर्ष ‘टर्फ वॉर’ यानी इलाके पर कब्जे की लड़ाई का नतीजा है।
ढाका पुलिस इन सभी गैंगों को नियंत्रित करने और स्थिति को काबू में लाने की कोशिश कर रही है, लेकिन लगातार बढ़ती हिंसा ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे शुरू हुई गैंगवार की आग?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गैंगवार की शुरुआत उस समय तेज हुई जब राजनीतिक बदलाव के बाद कई पुराने अपराधियों को जमानत पर रिहा किया गया। जेल से बाहर आने के बाद इन अपराधियों ने फिर से अपने-अपने इलाकों पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया।
सबसे पहला बड़ा मामला मामून की हत्या का था, जिसे मोबाइल चोरी के विवाद में मारा गया। इसके बाद टाइटन नामक गैंगस्टर की हत्या बीच चौराहे पर कुल्हाड़ी से कर दी गई, जिससे पूरे शहर में दहशत फैल गई।जनवरी से मार्च के बीच ढाका में लगभग 107 हत्याएं दर्ज की गई हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं।
कौन-कौन से गैंग हैं सबसे प्रभावशाली?
ढाका के अपराध जगत में कई गैंग सक्रिय हैं, लेकिन कुछ गिरोह सबसे ज्यादा प्रभावशाली माने जा रहे हैं।नाइन स्टार गैंग: इसे ढाका का सबसे ताकतवर गैंग माना जाता है। इसका प्रभाव मीरपुर और आसपास के क्षेत्रों में है।
डॉन गैंग: यह मोहम्मदपुर इलाके में सक्रिय है और वसूली तथा ड्रग नेटवर्क में शामिल बताया जाता है।
खान गैंग: हजारीबाग और जिगतोला क्षेत्र में इसका दबदबा है।
इसके अलावा पिच्ची हेलाल और एमोन जैसे अपराधी भी शहर में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो छोटे-छोटे गैंगों को नियंत्रित करते हैं।
अपराध विशेषज्ञों की चेतावनी
अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति कानून-व्यवस्था की कमजोरी का नतीजा है। जेल से रिहाई और कमजोर निगरानी ने गैंगस्टरों को फिर से संगठित होने का मौका दिया है। यही कारण है कि शहर में अपराध तेजी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो ढाका में हालात और भी गंभीर हो सकते हैं।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती
ढाका पुलिस और खुफिया एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन 127 गैंगों को नियंत्रित करना है। शहर में पहले से मौजूद आतंकवाद के खतरे के बीच यह गैंगवार सुरक्षा व्यवस्था के लिए दोहरी चुनौती बन गया है।
