April 24, 2026

पाकिस्तान में तय समय पर ‘ब्लैकआउट’: रोज 2–2.5 घंटे कटेगी बिजली, जानें वजह और असर

0
black-out-1776326532

इस्लामाबाद। गंभीर ऊर्जा संकट से जूझ रहे पाकिस्तान ने अब देशभर
में रोजाना 2 से 2.5 घंटे के “निर्धारित ब्लैकआउट” का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि यह कदम पारंपरिक लोडशेडिंग नहीं, बल्कि बढ़ती बिजली लागत और पीक डिमांड को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।

कब होगी बिजली कटौती?
सरकार के मुताबिक, शाम 5 बजे से रात 1 बजे के बीच—यानी पीक आवर्स में—बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी दौरान अलग-अलग इलाकों में तय समय के हिसाब से 2–2.5 घंटे की कटौती की जाएगी। वितरण कंपनियों को पहले से सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं ताकि उपभोक्ताओं को अचानक परेशानी न हो।

क्यों आया यह फैसला?
ऊर्जा संकट के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं:

जलविद्युत उत्पादन में कमी
महंगे जीवाश्म ईंधन का दबाव
ईरान-अमेरिका तनाव से बढ़ी वैश्विक ऊर्जा कीमतें
गैस आपूर्ति में भारी कमी

गैस संकट इतना गहरा है कि बिजली संयंत्रों को पर्याप्त ईंधन नहीं मिल पा रहा। कतर से LNG आयात पर अस्थायी रोक ने स्थिति और बिगाड़ दी है।

सबसे ज्यादा असर पंजाब में
पंजाब प्रांत में हालात सबसे खराब बताए जा रहे हैं।

मुल्तान इलेक्ट्रिक पावर कंपनी (MEPCO) के इलाकों में 16 घंटे तक कटौती की शिकायत
मुजफ्फरगढ़, खानेवाल जैसे जिलों में लंबी और अनियमित बिजली गुल
लाहौर और फैसलाबाद जैसे शहरों में भी 3–4 घंटे कटौती

ग्रामीण इलाकों में स्थिति और ज्यादा खराब बनी हुई है।

उद्योग और कृषि पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, उर्वरक उद्योग को गैस आपूर्ति बंद कर दी गई है, जिससे कृषि क्षेत्र भी प्रभावित हो सकता है। सरकार का कहना है कि मई में गैस आपूर्ति बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कुछ राहत मिल सकती है।

आर्थिक संकट से जुड़ा मामला
पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक दबाव में है, और बढ़ती ईंधन कीमतों ने बिजली उत्पादन को और महंगा बना दिया है। ऐसे में यह “टारगेटेड ब्लैकआउट” सरकार के लिए लागत नियंत्रित करने का एक अस्थायी उपाय माना जा रहा है।

बिजली संकट से निपटने के लिए उठाया गया यह कदम आम लोगों और उद्योगों दोनों के लिए चुनौती लेकर आया है। अब नजर इस बात पर है कि गैस आपूर्ति सुधरने और अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने के बाद हालात कितनी जल्दी बेहतर होते हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *