ट्रंप-जेलेंस्की मुलाकात के बाद रूस ने यूक्रेन पर कर दी मिसाइल और ड्रोन की बारिश
मॉस्को/कीव। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की की वॉशिंगटन में हुई बैठक के कुछ ही समय बाद रूस ने यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, हमलों में देश के कई प्रमुख शहरों और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन हमलों की टाइमिंग को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, रूस ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया। हमलों का असर कीव, ल्विव और नीप्रोपेत्रोव्स्क सहित कई क्षेत्रों में देखा गया। यूक्रेन ने दावा किया कि कई सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया, जबकि रूस का कहना है कि उसके हमले केवल सैन्य लक्ष्यों पर केंद्रित थे।
पैट्रियट एयर डिफेंस पर चर्चा के बीच हमला
ट्रंप और जेलेंस्की की बैठक के दौरान यूक्रेन की वायु सुरक्षा क्षमता बढ़ाने और पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम की उपलब्धता पर चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि रूस ने ऐसे समय में हमला कर यूक्रेन की मौजूदा वायु सुरक्षा चुनौतियों का लाभ उठाने की कोशिश की। हालांकि, इस संबंध में रूस की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
पोलैंड सीमा के निकट भी बढ़ी सतर्कता
हमलों के दौरान एक रूसी मिसाइल के पोलैंड की सीमा के निकट पहुंचने की खबरों के बाद पड़ोसी देश पोलैंड ने अपनी वायु सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट पर रखा। पोलिश अधिकारियों ने स्थिति पर नजर रखने और सुरक्षा उपाय बढ़ाने की पुष्टि की है। हालांकि, घटना के कारणों और परिस्थितियों की जांच जारी है।
रूस ने सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य एयरबेस, हथियार निर्माण इकाइयों, ड्रोन भंडारण केंद्रों और अन्य सैन्य अवसंरचना को निशाना बनाना था। मंत्रालय ने इसे यूक्रेन की ओर से हाल के दिनों में रूस के भीतर किए गए ड्रोन हमलों के जवाब में की गई कार्रवाई बताया।
कूटनीतिक प्रयासों पर असर की आशंका
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप-जेलेंस्की बैठक के तुरंत बाद हुए इन हमलों से रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के कूटनीतिक प्रयासों को झटका लग सकता है। हालांकि, हमलों की टाइमिंग के पीछे रूस का क्या संदेश था, इस बारे में आधिकारिक स्तर पर कोई पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इससे जुड़े विभिन्न दावों को अभी विश्लेषकों के आकलन के रूप में ही देखा जा रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच ताजा घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
