June 30, 2026

ट्रंप की नीतियों पर रो खन्ना का तीखा हमला, बोले- भारत-अमेरिका साझेदारी की असली ताकत साझा लोकतंत्र, स्वतंत्रता और मानवीय मूल्यों में है

0
20-1782815326
नई दिल्ली। भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को केवल रक्षा, व्यापार और निवेश तक सीमित रखने के बजाय साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवीय आदर्शों पर आधारित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी तभी अधिक मजबूत और प्रभावी बन सकती है, जब उसका आधार लोकतंत्र, स्वतंत्रता, बहुलवाद और आत्मनिर्णय जैसे साझा सिद्धांत हों।

अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी फोरम के नेतृत्व सम्मेलन को संबोधित करते हुए रो खन्ना ने अमेरिकी विदेश नीति, वैश्विक सहयोग और इमिग्रेशन से जुड़े कई मुद्दों पर अपने विचार रखे। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति और आव्रजन संबंधी दृष्टिकोण की आलोचना करते हुए कहा कि एकतरफा फैसलों और व्यापारिक नीतियों ने अमेरिका की वैश्विक विश्वसनीयता को प्रभावित किया है। उनके अनुसार, अमेरिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने सहयोगी देशों के साथ विश्वास और साझेदारी को दोबारा मजबूत करने की आवश्यकता है।

रो खन्ना ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंधों की वास्तविक शक्ति केवल रणनीतिक या आर्थिक सहयोग में नहीं, बल्कि उन साझा मूल्यों में है जो दोनों लोकतंत्रों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को मानव स्वतंत्रता, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और वैश्विक शांति जैसे मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ना चाहिए। उनके अनुसार, साझेदारी का उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ नहीं बल्कि वैश्विक स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका जैसे लोकतांत्रिक देशों को ऐसी विश्व व्यवस्था के निर्माण में योगदान देना चाहिए, जहां मानवाधिकारों, आत्मनिर्णय और सभ्यतागत मूल्यों का सम्मान सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी साझेदारी का उद्देश्य अंध समर्थन नहीं होना चाहिए, बल्कि उन देशों के साथ सहयोग होना चाहिए जो समान मूल्यों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हों।

अपने संबोधन में रो खन्ना ने अमेरिका की ऐतिहासिक भूमिका का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने लंबे समय तक स्वतंत्रता, लोकतंत्र और उपनिवेशवाद से मुक्ति जैसे सिद्धांतों का समर्थन किया है। उनके अनुसार, इन्हीं आदर्शों ने दुनिया भर के लाखों प्रवासियों को अमेरिका में अवसर तलाशने के लिए प्रेरित किया और यही मूल्य भविष्य में भी अमेरिका की वैश्विक पहचान को मजबूत बनाए रख सकते हैं।

इमिग्रेशन नीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान नीतियों के कारण दुनिया की प्रतिभाओं को आकर्षित करने की अमेरिका की क्षमता प्रभावित हो रही है। उनका मानना है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अत्याधुनिक तकनीक के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के इस दौर में अमेरिका को योग्य और प्रतिभाशाली पेशेवरों के लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवाचार और अनुसंधान में वैश्विक प्रतिभा की भागीदारी किसी भी देश की तकनीकी प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

रो खन्ना ने अमेरिकी राजनीति पर भी अपने विचार व्यक्त किए और विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में डेमोक्रेटिक पार्टी फिर से मजबूत स्थिति में लौटेगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका में समय-समय पर चुनौतियां जरूर आई हैं, लेकिन देश ने हमेशा लोकतांत्रिक संस्थाओं और सामाजिक मूल्यों के बल पर स्वयं को मजबूत किया है। उनके अनुसार, यही क्षमता अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत है।

भारतीय मूल के सांसद ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके परिवार की प्रेरणा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़ी रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय विरासत और अमेरिकी लोकतांत्रिक परंपराओं ने उनके सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक सोच को गहराई से प्रभावित किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और अमेरिका भविष्य में रक्षा, व्यापार, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ स्वतंत्रता, मानवीय गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को भी अपनी साझेदारी का केंद्रीय आधार बनाए रखेंगे।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *