पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम गुपचुप और अवैध
– भारत ने कहा यही है पाकिस्तान का इतिहास

परमाणु हथियारों से संबंधित पाकिस्तान की गतिविधियां गुपचुप ही नहीं बल्कि अवैध भी हैं, यह सर्वविदित है। यह तथ्यउसके इतिहास से जुड़ा हुआ है। भारत ने यह बात अमेरिकी राष्इ्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पिछले हफ्ते दिए बयान के सिलसिले में कही है, जिसमें पाकिस्तान और कुछ अन्य देशों के गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण करने की बात कही गई थी। ट्रंप ने कहा था कि अब अमेरिका भी परमाणु परीक्षण करेगा।
अ्रंप के बयान की प्रतिक्रिया में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणवीर जायसवाल नेकाह भारत हमेशा से परमाणु हथियारों को लेकर पाकिस्तान की अवैध गतिविधियों के बारे मं अंमरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकृष्ट करता रहा है। इस संबंध में पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक अब्दुल कादिर खान की गतिविधियां बेहद विवादास्पद रहीं हैं। परमाणु तकनीक की तस्करी अवैध रूप से उसके प्रसार और खतरनाक गोपनीय समझौते करने वाला एक्यू खान का नेटवर्क उनके जीवनकाल में ही बेपर्दा हो चुका था। इसके चलते पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में उसे नजरबंद भी किया था। पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का यही इतिहास है।
पाकिस्तान पहाड़ों में छिपकर कर रहा परमाणु हथियारों का परीक्षण!
काबुल में दूतावास बनाने का फैसला संबंधों को मजबूत करेगा…
जायसवाल ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि काबुल में स्थित भारत के टेक्निकल मिशन का स्तर बढ़ाकर उसे दूतावास में तब्दील करने का फैसला अफगानिस्तान से भारत के संबंधों को मजबूत करेगा। भारत का ताजा कदम अफगानिस्तान में भारतीय गतिविधियां बढ़ाएगा और वहां की सरकार के साथ हमारे संबंध मजबूत करेगा। प्रवक्ता ने बताया कि भारत ने हाल के महीनों में थाइलैंड से 270 भारतीयों का प्रत्यावर्तन कराया है। इनमें से ज्यादातर साइबर अपराधों में लिप्त है। एक अन्य सवाल का उत्तर देते हुए उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में रूसी सेना ने 44 भारतीयों को भर्ती किया है। भारत ने इन सभइी को वापस भेजने का अनुरोध रूस की सरकार से किया है।
