May 9, 2026

उत्तर कोरिया का बड़ा दावा: किम जोंग उन पर हमला हुआ तो स्वतः परमाणु हमला, संविधान में जोड़ा गया नया प्रावधान

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नई दिल्ली। उत्तर कोरिया ने अपने संविधान में एक बड़ा और विवादास्पद बदलाव करते हुए परमाणु नीति को और सख्त कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक नए प्रावधान में कहा गया है कि अगर देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन या परमाणु कमांड सिस्टम पर हमला होता है, तो उत्तर कोरिया तुरंत और स्वचालित रूप से परमाणु हमला करेगा। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ा दी है।

सरकारी मीडिया के हवाले से सामने आई जानकारी में बताया गया है कि यह संशोधन 22 मार्च को किया गया था, लेकिन इसे हाल ही में सार्वजनिक किया गया है। संविधान के परमाणु नीति वाले आर्टिकल में स्पष्ट किया गया है कि अगर देश की परमाणु कमांड और नियंत्रण व्यवस्था को खतरा पहुंचता है, तो जवाबी कार्रवाई बिना किसी देरी के की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम उत्तर कोरिया की “डिटरेंस स्ट्रैटेजी” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य संभावित हमलों को रोकना है। हालांकि, इस बयान ने वैश्विक स्तर पर तनाव को और बढ़ा दिया है, क्योंकि यह परमाणु हमले की स्वचालित प्रतिक्रिया की बात करता है।

रिपोर्टों में यह भी दावा किया जा रहा है कि हाल ही में ईरान पर हुए हमलों और वैश्विक घटनाओं को देखते हुए उत्तर कोरिया ने अपनी सुरक्षा नीति को और कठोर बनाया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इसी बीच उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया सीमा के पास नई 155 मिमी स्वचालित तोपों की तैनाती की है। बताया जा रहा है कि इन हथियारों की रेंज लगभग 60 किलोमीटर तक है, जिससे दक्षिण कोरिया की राजधानी के आसपास का क्षेत्र भी खतरे की जद में आ सकता है। किम जोंग उन ने खुद इन हथियारों के परीक्षण का निरीक्षण किया और इसे सेना की क्षमता में बड़ा बदलाव बताया।

उत्तर कोरिया लंबे समय से दक्षिण कोरिया और अमेरिका को अपना मुख्य सुरक्षा खतरा मानता रहा है। इसी वजह से वह लगातार अपनी मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को मजबूत करने में जुटा है।

आंकड़ों के अनुसार, उत्तर कोरिया के पास वर्तमान में दर्जनों परमाणु हथियार मौजूद हैं, जबकि उसके पास इतना रेडियोधर्मी पदार्थ है जिससे वह भविष्य में और भी हथियार बना सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि कुछ हथियार पहले से तैनात स्थिति में हैं।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय समुदाय बार-बार उत्तर कोरिया से तनाव कम करने और बातचीत के रास्ते अपनाने की अपील करता रहा है, लेकिन किम जोंग उन की नीतियां लगातार सैन्य ताकत बढ़ाने पर केंद्रित रही हैं।

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