April 24, 2026

शांति वार्ता के बीच बड़ा बयान: बेंजामिन नेतन्याहू बोले-ईरान के खिलाफ अभियान खत्म नहीं

0
untitled-1775973838

नई दिल्ली।मध्य पूर्व में चल रही शांति वार्ताओं के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ इजरायल का अभियान खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों और क्षेत्रीय हालात को देखते हुए यह कार्रवाई जारी रहेगी।

नेतन्याहू के इस बयान ने ऐसे समय में अंतरराष्ट्रीय हलकों में हलचल बढ़ा दी है, जब कई देशों की मध्यस्थता में तनाव कम करने और संघर्ष विराम को लेकर प्रयास तेज किए जा रहे हैं। हालांकि, इजरायल की ओर से संकेत मिल रहे हैं कि वह अपनी सुरक्षा रणनीति में किसी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।

ईरान को लेकर सख्त संदेश

नेतन्याहू ने अपने बयान में कहा कि Iran से जुड़े खतरे अभी भी बने हुए हैं और इजरायल अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाता रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक लंबी रणनीति का हिस्सा है।

इजरायली प्रधानमंत्री के मुताबिक, क्षेत्र में स्थिरता तभी संभव है जब “आतंकी ढांचे और उनके समर्थन नेटवर्क” को पूरी तरह कमजोर किया जाए।

लेबनान में भी सैन्य कार्रवाई जारी

इस बीच इजरायल की सेना की गतिविधियां Lebanon में भी जारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उत्तरी सीमा क्षेत्र में तनाव अभी भी बरकरार है और कई इलाकों में रुक-रुक कर हमले और जवाबी कार्रवाई देखी जा रही है।

हालांकि इजरायल का दावा है कि यह कार्रवाई केवल सुरक्षा और जवाबी कदमों के तहत की जा रही है, लेकिन क्षेत्रीय तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

शांति प्रयासों पर सवाल

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देश दोनों पक्षों के बीच बातचीत और संघर्ष विराम की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नेतन्याहू के ताजा बयान ने इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान शांति प्रक्रिया को और जटिल बना सकते हैं।

क्षेत्रीय तनाव और बढ़ती चिंता

मध्य पूर्व में पहले से ही अस्थिर हालात के बीच इजरायल, ईरान और लेबनान के बीच बढ़ता तनाव वैश्विक चिंता का विषय बना हुआ है। ऊर्जा आपूर्ति, सुरक्षा और कूटनीतिक संबंधों पर भी इसका असर देखा जा रहा है।

नेतन्याहू के इस सख्त रुख से साफ है कि फिलहाल क्षेत्र में तनाव कम होने के संकेत कमजोर हैं। जहां एक ओर शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई और बयानबाजी ने हालात को और संवेदनशील बना दिया है।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *