March 8, 2026

पड़ोसी देश नेपाल: ‘सत्ता का स्वाद चखने नहीं आई मैं, 6 महीने ही रहूंगी’

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Nepal सुशीला कार्की

काठमांडू. नेपाल की नई अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने रविवार को सिंह दरबार पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार संभाला। इस दौरान नेपाल के आर्मी चीफ भी उनके साथ मौजूद रहे। पद संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में कार्की ने कहा, ‘मैं और मेरी टीम यहां सत्ता का स्वाद चखने नहीं आए हैं। हम यहां 6 महीने से ज्यादा नहीं रुकेंगे।’ कार्की ने बताया कि ‘तोड़फोड़ की घटनाओं में शामिल लोगों की जांच होगी। हम 6 महीने से ज्यादा नहीं रहेंगे और नई संसद को जिम्मेदारी सौंप देंगे। हमें पुनर्निर्माण पर चर्चा और काम करना चाहिए। जो निजी संपत्तियां जला दी गई हैं, उन्हें भी मुआवजा देने पर काम करेंगे।

मारे गए लोग शहीद घोषित, मिलेंगे 10-10 लाख… कार्की ने कहा, इस आंदोलन के दौरान मारे गए सभी लोगों को शहीद घोषित किया गया है और उन्हें दस-दस लाख रुपये दिए जाएंगे। घायलों का खर्च सरकार उठाएगी और उन्हें मुआवजा भी दिया जाएगा। शवों को काठमांडू से दूसरे जिलों में भेज रहे हैं।

नेपाल के राजनीतिक दल विरोध में उतरे
नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों ने देश के राष्ट्रपति से मांग की है कि वे उस संसद को बहाल करें जिसे उन्होंने भ्रष्टाचार विरोधी भीषण प्रदर्शनों के बाद भंग कर दिया है। एक बयान में नेपाली कांग्रेस, सीपीएन-यूएमएल और माओवादी सेंटर सहित आठ दलों ने कहा कि राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने असंवैधानिक तरीके से काम किया है। पौडेल ने कार्की की सिफारिश पर संसद भंग की थी।

मृतकों की संख्या 72 हुई
जेन-जेड आंदोलन के दौरान हिंसा में मरने वालों की संख्या 72 हो गई है। काठमांडू के बौद्ध इलाके में भाटभेटनी सुपर स्टोर से रविवार सुबह छह शव बरामद हुए। कार्की के प्रधानमंत्री बनने के बाद युवाओं का मानना है कि यह आंदोलन बहुत जरूरी था। उन्हें उम्मीद है कि कार्की के नेतृत्व में बदलाव आएगा, जिससे नेपाल सुखद और विकसित हो सकेगा। युवाओं ने सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी बताई। यह भी कहा कि यहां की परिस्थितियां उन्हें देश से बाहर जाने पर मजबूर कर रही थीं। रिश्वत दिए बिना कोई काम नहीं होता था।

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