मंगल पर कई बार मौजूद रहा जीवन के लिए जरूरी माहौल

नासा के पर्सिवरेन्स रोवर ने जेजेरो क्रेटर में ऐसे संकेत खोजे हैं जो बताते हैं कि मंगल ग्रह पर कम से कम तीन बार बहते पानी की घटनाएं हुईं हैं। इन घटनाओं ने जीवन के अनुकूल परिस्थितियां पैदा की होंगी। वैज्ञानिकों ने 24 प्रकार के खनिज समूहों की पहचान की है, जो दिखाते हैं कि ज्वालामुखी चट्टानों ने पानी के संपर्क में आकर रासायनिक बदलाव अनुभव किए।
नासा के पर्सिवरेन्स रोवर का खोज अभियान…. मंगल पर करीब 28 मील चौड़े जेजेरो क्रेटर में फरवरी 2021 से पर्सिवरेन्स रोवर खोज अभियान चला रहा है। इस बीच रोवर ने प्राचीन झील और नदी डेल्टा के अवशेषों के साथ असामान्य चट्टान संरचनाएं और कार्बनिक अणु भी खोजे हैं। नासा ने 2030 के दशक में मंगल से नमूने पृथ्वी पर लाने की योजना बनाई है। जब ये नमूने आ जाएंगे, तो वैज्ञानिक विस्तृत अध्ययन से पता लगा सकेंगे कि क्या मंगल पर जीवन अस्तित्व में रहा है।
तीसरा दौर: कम तापमान व क्षारीय जल…कम तापमान व क्षारीय जल स्थिति पाई गईं, जो पृथ्वी के नजरिए से अत्यधिक अनुकूल मानी जाती हैं। शोधकर्ता इसे मंगल पर जीवन के लिए सबसे अनुकूल दौर मानते हैं।
खनिज: सेपियोलाइट
पहला दौर: कठोर और अम्लीय जल… पहली घटना में क्रेटर के फर्श पर उच्च तापमान और अम्लीय पानी था। यह वातावरण जीवन के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण माना गया, क्योंकि अत्यधिक गर्म और अम्लीय परिस्थितियां जैविक संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
खनिज: ग्रीनालाइट, हाइजिंगराइट और फेरोएलुमिनोसिलाडोनाइट
दूसरा दौर: तटस्थ व मध्यम स्थितियां.. इसके बाद का दौर मध्यम तापमान और तटस्थ जल स्थितियों का था। इस दौर ने क्रेटर के बड़े हिस्से में जीवन के अनुकूल वातावरण तैयार किया।
खनिज: मिनेसोटाइट, क्लिनोप्टिलोलेट सेपियोलाइट
