सलमान रुश्दी पर हमले के मामले में बड़ा फैसला, हमलावर आतंकवाद से जुड़े आरोपों में भी दोषी करार
अभियोजन पक्ष ने अदालत में दलील दी कि हादी मतर ने सलमान रुश्दी पर हमला अकेले नहीं किया, बल्कि वह ईरान से जुड़े एक संगठन के समर्थन और विचारधारा से प्रभावित होकर काम कर रहा था। अभियोजकों ने अदालत के समक्ष ऐसे साक्ष्य प्रस्तुत किए, जिनमें आरोपी की तस्वीरें और वीडियो शामिल थे। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि आरोपी पर लगाए गए आतंकवाद से संबंधित आरोप साबित होते हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने यह भी कहा कि हमला वर्ष 1989 में जारी उस विवादित फतवे की पृष्ठभूमि से जुड़ा था, जिसमें सलमान रुश्दी के खिलाफ कार्रवाई की अपील की गई थी। यह फतवा उनके उपन्यास ‘सैटेनिक वर्सेज’ को लेकर उत्पन्न विवाद के बाद जारी हुआ था। इसी संदर्भ को अभियोजन ने हमले के संभावित उद्देश्य के रूप में अदालत के सामने रखा।
दूसरी ओर, बचाव पक्ष ने यह स्वीकार किया कि हादी मतर ने लेखक पर हमला किया था, लेकिन उसने यह दलील दी कि आरोपी ने यह कृत्य किसी संगठन के निर्देश पर नहीं, बल्कि व्यक्तिगत रूप से किया। बचाव पक्ष का कहना था कि मतर अपनी धार्मिक भावनाओं के कारण आक्रोशित था और उसने किसी विदेशी सरकार या संगठन के साथ मिलकर साजिश नहीं रची।
79 वर्षीय सलमान रुश्दी पर अगस्त 2022 में न्यूयॉर्क राज्य के चौटाक्वा इंस्टीट्यूशन में आयोजित एक साहित्यिक कार्यक्रम के दौरान हमला हुआ था। विडंबना यह थी कि उस समय वह लेखकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा से जुड़े विषय पर बोलने वाले थे। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच पर पहुंचे आरोपी ने उन पर कई बार चाकू से हमला किया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
हमले के कारण सलमान रुश्दी की एक आंख की रोशनी चली गई और उनके हाथ तथा शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आईं। अदालत में गवाही के दौरान उन्होंने बताया कि हमले के कारण उन्हें स्थायी शारीरिक नुकसान हुआ है और अब वह पहले की तरह सामान्य जीवन नहीं जी सकते। उन्होंने अपने अनुभवों और हमले के बाद के संघर्ष को लेकर एक पुस्तक भी लिखी है, जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम का विस्तार से उल्लेख किया है।
अमेरिकी न्याय व्यवस्था के तहत किसी एक घटना में राज्य और संघीय स्तर पर अलग-अलग कानूनों के आधार पर मुकदमा चलाया जा सकता है। इसी प्रक्रिया के तहत हादी मतर को पहले राज्य अदालत में हत्या के प्रयास के मामले में दोषी ठहराया गया था, जबकि अब संघीय अदालत ने उसे आतंकवाद से जुड़े आरोपों में भी दोषी माना है। इस मामले में नवंबर में सजा सुनाई जानी है और उसे बिना पैरोल के आजीवन कारावास तक की सजा मिल सकती है।
यह फैसला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, लेखकों की सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े मामलों में अमेरिकी न्याय प्रणाली की कार्रवाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मामले पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लंबे समय से नजर बनी हुई थी और अब संघीय अदालत के फैसले के बाद इसकी कानूनी प्रक्रिया एक नए चरण में पहुंच गई है।
