मिसाइल हमले के आरोपों पर ईरान का यूएई को जवाब, तेहरान बोला- पहले सबूत दें, फिर लगाएं इल्जाम
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार ईरान से दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। दोनों मिसाइलें समुद्र में गिरीं। इनमें से एक यूएई के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में जबकि दूसरी उसके बाहर गिरी। यूएई का दावा है कि मिसाइलों का निशाना समुद्री यातायात हो सकता था। हालांकि इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी तरह के नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। यूएई प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों और गलत सूचनाओं पर भरोसा न करें और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर विश्वास करें।
मिसाइल घटना के बाद यूएई के गृह मंत्रालय ने लोगों के मोबाइल फोन पर सुरक्षा अलर्ट भी भेजा। शुरुआती खतरे की चेतावनी के बाद प्रशासन ने स्थिति को सुरक्षित बताया और लोगों से सामान्य गतिविधियां फिर शुरू करने की अपील की। दूसरी तरफ ईरान ने यूएई के आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले ठोस और विश्वसनीय सबूत सामने रखे जाने चाहिए। तेहरान ने चेतावनी दी कि बिना प्रमाण के आरोप क्षेत्र में किसी बड़े टकराव की वजह बन सकते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच यूएई ने ईरान के साथ अपने संबंधों को लेकर बड़ा फैसला भी लिया है। यूएई के विदेश मंत्रालय की संचार निदेशक अफरा अल हमेली के मुताबिक क्षेत्रीय परिस्थितियों को देखते हुए ईरान के साथ सभी व्यापारिक वाणिज्यिक और वित्तीय लेनदेन अगले आदेश तक निलंबित कर दिए गए हैं। इस फैसले से दोनों देशों के बीच पहले से तनावपूर्ण संबंधों पर और असर पड़ने की आशंका है।
मिसाइल विवाद ऐसे समय सामने आया है जब होर्मुज स्ट्रेट को लेकर क्षेत्रीय तनाव पहले से बेहद संवेदनशील बना हुआ है। यह समुद्री मार्ग खाड़ी क्षेत्र के लिए रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि या सुरक्षा संकट का असर केवल ईरान और यूएई तक सीमित नहीं रह सकता बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल ईरान जहां मिसाइल हमले के आरोपों को पूरी तरह नकार रहा है वहीं यूएई अपने सुरक्षा आकलन के आधार पर घटना को गंभीर मान रहा है। दोनों देशों के बीच बढ़ते आरोप प्रत्यारोप ने खाड़ी क्षेत्र में नई चिंता पैदा कर दी है। आने वाले दिनों में इस घटना को लेकर और तथ्य सामने आने के साथ ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मिसाइलें वास्तव में कहां से दागी गई थीं और उनका वास्तविक उद्देश्य क्या था। फिलहाल इतना तय है कि इस विवाद ने ईरान और यूएई के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है और होर्मुज क्षेत्र में किसी भी नए घटनाक्रम पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
