March 8, 2026

भारत-अमरीका व्यापार समझौता जल्द! ज्यादातर मुद्दों पर बनी सहमति

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india-us trade

– ट्रे़ड डील: गैर-टैरिफ बाधाओं को लेकर अभी असमंजस, अधिकारी दस्तावेज तैयार करने में जुटे

डॉनल्ड ट्रंप की ओर से भारत पर 50त्न टैरिफ लगाने से भारत और अमरीका के रिश्तों में आई तल्खी पर जल्द विराम लग सकता है। दोनों देश प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं और व्यापार समझौते को लेकर बातचीत अब आखिरी दौर में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकांश मुद्दों पर दोनों पक्षों के बीच सहमति बनती दिखाई दे रही है। दोनों देशों के अधिकारी इस डील को जल्द पूरा करने के लिए दिन-रात जुटे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पिछले हफ्ते वॉशिंगटन में हुई ताजा बातचीत में कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच ज्यादा मतभेद नहीं बचे हैं। लेकिन कुछ मुद्दे अभी भी सुलझने बाकी हैं। खासकर, गैर-टैरिफ बाधाओं को लेकर दोनों पक्षों में थोड़ा असमंजस है। अमरीका का कहना है कि भारत के कुछ क्वालिटी कंट्रोल ऑर्डर उनके निर्यातकों के लिए मुश्किलें पैदा करते हैं। अभी दोनों पक्ष वर्चुअल तरीके से बातचीत कर रहे हैं। हालांकि अगली व्यक्तिगत बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दोनों देशों के नेताओं की मंजूरी जरूरी होगी। उम्मीद थी कि अगले हफ्ते होने वाले आसियान शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी और ट्रंप इस समझौते का ऐलान कर सकते हैं।

बंदूक की नोक पर डील नहीं करते: गोयल

केंद्र सरकार ने फिर दोहराया है कि भारत किसी भी देश के साथ ट्रेड डील जल्दबाजी में नहीं करेगा। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा, किसी भी देश की ऐसी शर्तों को नहीं माना जाएगा, जिससे भारत के लिए कारोबार करने के मौके और विकल्प सीमित होते हों। जमर्नी में बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में बात रखते हुए उन्होंने कहा, बंदूक की नोक पर कोई डील नहीं होगी। भारत हड़बड़ी में कोई कदम नहीं उठाएगा। उन्होंने कहा, भारत अमरीका और ईयू के साथ व्यापार समझौता वार्ता कर रहा है। हम नए मार्केट की तलाश भी कर रहा है। भारत ने कभी भी राष्ट्रीय हित के अलावा किसी अन्य आधार पर यह तय किया है कि उसके मित्र कौन होंगे? उन्होने संकेत दिए की भारत ट्रेड वार्ता में रूस से तेल खरीद पर छूट की मांग करेगा।

15-16प्रतिशत पर आ सकता है अमरीकी टैरिफ अमरीका-भारत के बीच व्यापार समझौते को लेकर अभी भी गतिरोध है। ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर 50त्न फतक के ऊंचे शुल्क लगाए हैं। लेकिन अब ट्रेड डील के तहत इसे घटाकर 15-16त्न तक लाने की चर्चा हो रही है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि भारत कुछ अमरीकी एग्री प्रोडक्ट्स जैसे नॉन-जीएम कॉर्न और सोयाबीन के लिए मार्केट खोल सकता है।

भारत-ईयू एफटीए की राह में अड़चनें

भारत और ईयू के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत अंतिम चरण में है, लेकिन मतभेद अब भी बने हैं। ईयू चाहता है भारत लग्जरी कारों, वाइन, मीट और स्पिरिट्स पर आयात शुल्क घटाए, जबकि भारत अपने श्रम-प्रधान उद्योगों को शुल्क-मुक्त प्रवेश दिलाना चाहता है। सबसे बड़ी चुनौती यूरोप का कार्बन टैक्स है, जो 2026 से स्टील, सीमेंट और एल्युमिनियम पर लागू होगा।

पुतिन बोले, प्रतिबंधों से नुकसान नहीं

अमरीकी प्रतिबंधों पर रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा है कि बैन का रूस की अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं होगा। रूस किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। प्रतिबंधों को दुश्मनी बढ़ाने वाली कार्रवाई बताया और चेतावनी दी कि इससे वॉशिंगटन के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचेगा। इससे कच्चे तेल कीमतें बढ़ सकती हैं। अमरीका के खिलाफ इसका उल्टा असर होगा। इसके जवाब में ट्रंप ने कहा है कि अगर पुतिन को ऐसा लगता है तो अच्छा है। लेकिन छह महीने बाद मैं आपको बताऊंगा कि इसका क्या असर हुआ? देखते हैं, आगे क्या होता है।

ट्रंप ने कनाडा से व्यापार वार्ताएं रद्द की

ट्रंप ने कहा है कि वह कनाडा के साथ सभी व्यापार वार्ताएं तत्काल समाप्त कर रहे हैं। ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा कि कनाडा ने एक विज्ञापन चलाया, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन को टैरिफ के खिलाफ बोलते हुए दिखाया गया है। ट्रंप ने कहा कि विज्ञापन से अमरीकी अदालतों के फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह ऐड 75,000 डॉलर का था।

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