India-US Relations: भारत अमेरिका ट्रेड डील पर बर्फ पिघली
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बर्फ पिघली: अमरीकी प्रतिनिधि भारत पहुंचे
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अमरीका के साथ आज ट्रेड डील पर चर्चा, निकलेगी सुलह की राह

नई दिल्ली. भारत और अमरीका के मुख्य वार्ताकार करीब डेढ़ माह बाद मंगलवार को नई दिल्ली में द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर चर्चा करेंगे। वार्ता के लिए दक्षिण एवं मध्य एशिया के लिए मुख्य वार्ताकार और सहायक अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ब्रेंडन लिंच सोमवार रात नई दिल्ली पहुंचे। वे अपने समकक्ष और मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल से बातचीत करेंगे। अग्रवाल ने कहा, यह वार्ता का एक दौर नहीं है, बल्कि हम यह देखने की कोशिश करेंगे कि किसी समझौते पर कैसे पहुंच सकते हैं। यह बैठक अमरीका और भारत के बीच तनाव कम होने के संकेतों की पृष्ठभूमि में हुई। राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर सुलह के संदेश पोस्ट किए थे, जिनमें लंबित मुद्दों के जल्द से जल्द समाधान और व्यापार समझौते पर बातचीत पूरी होने की उम्मीद जताई गई थी। अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद दोनों देशों के बीच तल्खी आ गई थी।
ट्रम्प ने 7 अगस्त से भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा तथा 27 अगस्त से रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा, जिससे दोनों पक्षों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते पर पहुंचने में विफल रहने के बाद द्विपक्षीय संबंधों में तनाव पैदा हो गया। राष्ट्रपति ट्रंप भी मान चुके हैं कि टैरिफ की वजह से भारत के साथ दरार पैदा हुई है।
गौरतलब कि अमरीका लगातार भारत पर रूस से तेल नहीं खरीदने का दबाव डाल रहा था। वाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने तो रूस-यूक्रेन युद्ध को ‘मोदी का युद्ध’ तक कह दिया था। सोमवार को नवारो ने फिर कहा कि भारत बातचीत की टेबल पर आ रहा है। इस बीच एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि भारत और अमरीका की टीमें वर्चुअल रूप से बातचीत कर रही थीं, लेकिन अनुकूल वातावरण नहीं होने से यह आगे नहीं बढ़ पाई।
टैरिफ का निर्यात में दिखा अंतर
जुलाई में अमरीका को भारत का निर्यात 8.01 अरब डॉलर था, जो अगस्त में घटकर 6.86 अरब डॉलर रह गया। अप्रेल से अगस्त के बीच कुल निर्यात 40.39 अरब डॉलर दर्ज किया गया।
पांच दौर की बातचीत हो चुकी
भारत-अमरीका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। छठा दौर 25 से 29 अगस्त के बीच होना था, लेकिन 50त्न टैरिफ लगाने के बाद इसे टाल दिया गया। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि मंगलवार की बैठक को छठे दौर की वार्ता की तैयारी माना जाएगा।
इन पर होगी चर्चा
ऑटोमोबाइल, फार्मा, चिकित्सा उपकरण, विमान और रक्षा सौदे।
ऊर्जा की आपूर्ति शृंखला, इसमें रूस से तेल खरीदने का मुद्दा प्रमुख होगा।
निवेश नीति व मल्टी ब्रांड रिटेल।
भू-राजनीतिक और रणनीतिक आयाम।
कृषि और डेयरी क्षेत्र में व्यापार, जिसे भारत पहले खारिज कर चुका है।
