होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों पर संयुक्त राष्ट्र में भारत का कड़ा रुख, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
नई दिल्ली । संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हालिया हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और नौवहन को बिना किसी बाधा के बहाल करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। भारत ने कहा कि क्षेत्र में जारी अस्थिरता न केवल वैश्विक व्यापार बल्कि लाखों लोगों की सुरक्षा और आर्थिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर सकती है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस के दौरान भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि पश्चिम एशिया भारत के लिए रणनीतिक, आर्थिक और मानवीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में एक करोड़ से अधिक भारतीय रहते और काम करते हैं, इसलिए वहां की सुरक्षा स्थिति भारत के लिए विशेष महत्व रखती है। उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया।
भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल के दिनों में कई वाणिज्यिक जहाजों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। भारतीय प्रतिनिधि ने विशेष रूप से उन जहाजों का उल्लेख किया जिन पर भारतीय नाविक सवार थे और जो हमलों से प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं में कई भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें कुछ गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं। इसके अलावा एक भारतीय नागरिक की मृत्यु और एक अन्य के लापता होने की जानकारी भी सामने आई है, जिसे भारत ने अत्यंत गंभीर विषय बताया।
राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में इन मार्गों पर किसी भी प्रकार का हमला पूरी दुनिया की आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक स्थिरता को प्रभावित कर सकता है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि समुद्री मार्गों पर सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएं, ताकि व्यापारिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी रह सकें।
भारत ने यह भी कहा कि हाल के समय में संघर्ष में अस्थायी विराम के संकेत मिले थे, लेकिन उसके बाद दोबारा हिंसक घटनाओं में वृद्धि देखने को मिली है। इस स्थिति को चिंताजनक बताते हुए भारत ने कूटनीतिक संवाद और शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया। भारतीय पक्ष का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी देशों को जिम्मेदारी के साथ सहयोग करना होगा।
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने दोहराया कि वह अंतरराष्ट्रीय कानूनों, सुरक्षित समुद्री परिवहन और वैश्विक शांति के पक्ष में है। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि निर्दोष नागरिकों और समुद्री कर्मियों पर होने वाले हमले किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किए जा सकते। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि समुद्री सुरक्षा केवल क्षेत्रीय नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय है और इसके लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।
भारत ने अपने वक्तव्य में यह संदेश भी दिया कि पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखना पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के हित में है। भारत ने उम्मीद जताई कि संबंधित पक्ष संयम और संवाद का रास्ता अपनाएंगे, जिससे तनाव कम होगा, समुद्री मार्ग पूरी तरह सुरक्षित बनेंगे और क्षेत्र में सामान्य स्थिति जल्द बहाल हो सकेगी। भारत ने स्पष्ट किया कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वह हर आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
