March 8, 2026

भारत और अमेरिका के बीच 10 साल के लिए रक्षा साझेदारी

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने कहा कि भारत और अमेरिका (India and the US) के बीच 10 साल के लिए रक्षा साझेदारी (10-year Defence Partnership) पर हस्ताक्षर किए (Have Signed)।

मलेशिया में 12वें आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (एडीएमएम-प्लस) के मौके पर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कुआलालंपुर में अमेरिकी युद्ध सचिव पीटर हेगसेथ के साथ बैठक की। आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक सुरक्षा को लेकर बहुपक्षीय चर्चा का प्लेटफॉर्म है। ऐसे में रक्षा मंत्री सिंह और हेगसेथ के बीच यह बैठक बहुपक्षीय सुरक्षा मंच में भाग लेने वाले रक्षा नेताओं के बीच चर्चाओं की शृंखला के एक भाग के रूप में हो रही है। भारतीय रक्षा मंत्री ने मुलाकात की तस्वीरें साझा कर एक्स पर लिखा, “कुआलालंपुर में पीटर हेगसेथ के साथ एक उपयोगी बैठक हुई। हमने 10 साल के ‘अमेरिका-भारत प्रमुख रक्षा साझेदारी की रूपरेखा’ पर हस्ताक्षर किए। यह हमारी पहले से ही मजबूत रक्षा साझेदारी में एक नए युग की शुरुआत करेगा। यह रक्षा रूपरेखा भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के संपूर्ण आयाम को नीतिगत दिशा प्रदान करेगी।” उन्होंने आगे लिखा कि रक्षा हमारे द्विपक्षीय संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ बना रहेगा। एक स्वतंत्र, खुले और नियम आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र को सुनिश्चित करने के लिए हमारी साझेदारी महत्वपूर्ण है।

इससे पहले, हेगसेथ ने अपने मलेशियाई और चीनी समकक्षों के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून के साथ अपनी बातचीत की जानकारी साझा करते हुए हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया, “आज, मैंने आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के राष्ट्रीय रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून से मुलाकात की। यह एक अच्छी और रचनात्मक बैठक थी। मैंने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति संतुलन बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला और दक्षिण चीन सागर, ताइवान के आसपास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सहयोगियों और साझेदारों के प्रति चीन की गतिविधियों के बारे में अमेरिकी चिंताओं पर जोर दिया।” उन्होंने आगे लिखा, “संयुक्त राज्य अमेरिका संघर्ष नहीं चाहता। वह अपने हितों की दृढ़ता से रक्षा करता रहेगा और यह सुनिश्चित करेगा कि क्षेत्र में उसके पास ऐसा करने की क्षमता हो। आज की बैठक 9 सितंबर को एडमिरल डोंग के साथ हमारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद हुई। हम आपसी महत्व के मामलों पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के साथ चर्चा जारी रखेंगे।”

बता दें कि गुरुवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एडीएमएम-प्लस में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर मलेशिया पहुंचे। मलेशिया में भारत के उच्चायुक्त बीएन रेड्डी ने सुबांग एयरबेस पर उनका स्वागत किया। कुआलालंपुर में आयोजित हो रहे 12वें एडीएमएम-प्लस में आसियान सदस्य देशों और भारत, अमेरिका, चीन, रूस, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सहित आठ संवाद भागीदारों के बीच चर्चा होगी। राजनाथ सिंह द्वारा ‘एडीएमएम-प्लस के 15 वर्षों पर चिंतन और आगे का रास्ता तैयार करना’ विषय पर मंच को संबोधित करने की उम्मीद है। अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह सम्मेलन में भाग लेने वाले देशों के रक्षा मंत्रियों और वरिष्ठ नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। भारत 1992 से आसियान का एक संवाद साझेदार है। एडीएमएम-प्लस की स्थापना 2010 में की गई और तब से ही इसमें भारत की सक्रिय भूमिका रही है। वर्तमान (2024-2027) में, भारत और मलेशिया आतंकवाद-निरोध पर विशेषज्ञ कार्य समूह के सह-अध्यक्ष हैं। अगला आसियान-भारत समुद्री अभ्यास 2026 में आयोजित किया जाएगा।

 

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