पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत की अटकलों पर विवाद बढ़ा, सैन्य प्रवक्ता के खंडन के बाद PTI का अलग दावा
इमरान खान की मौत से जुड़े इस दावे के बाद पाकिस्तान में राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर चर्चाएं तेज हो गईं। हालांकि, पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस यानी ISPR ने इन खबरों को मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। इसलिए फिलहाल इमरान खान की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इमरान खान अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद से उनकी पार्टी PTI और पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठान के बीच तनाव बना हुआ है। ऐसे में जेल में उनकी स्थिति को लेकर सामने आई किसी भी खबर का राजनीतिक असर काफी व्यापक माना जा रहा है।
इस बीच PTI ने इमरान खान की स्थिति को लेकर अलग दावा किया है। पार्टी के अनुसार, उनके परिवार के सदस्यों ने जेल की CCTV लाइव फीड में इमरान खान को देखा है। पार्टी का यह दावा सेना की ओर से मौत की खबरों को झूठा बताए जाने के बाद सामने आया है।
PTI लंबे समय से इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और जेल में उनके परिवार, वकीलों तथा चिकित्सकों से मुलाकात को लेकर सवाल उठाती रही है। पार्टी का आरोप है कि इमरान खान से मिलने पर प्रतिबंधों के कारण उनके स्वास्थ्य की जानकारी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं हो पा रही है।
इमरान खान की बहन डॉ. उजमा और पार्टी नेताओं ने भी उनकी सुरक्षा तथा स्वास्थ्य को लेकर चिंता व्यक्त की है। PTI की ओर से उनकी आंखों की रोशनी और इलाज से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्टी का कहना है कि परिवार और चिकित्सकों को उनसे नियमित मुलाकात की अनुमति मिलनी चाहिए।
इमरान खान की जेल में स्थिति को लेकर विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान में PTI समर्थक उनकी रिहाई की मांग लगातार उठाते रहे हैं। हाल के दिनों में उनकी रिहाई और राजनीतिक अधिकारों को लेकर समर्थकों की गतिविधियां भी चर्चा में रही हैं।
इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान की राजनीति में PTI और सैन्य प्रतिष्ठान के बीच टकराव लगातार बना हुआ है। ऐसे माहौल में उनकी मौत की अपुष्ट खबर ने राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। हालांकि, किसी भी दावे की पुष्टि के लिए आधिकारिक जानकारी और विश्वसनीय प्रत्यक्ष प्रमाण जरूरी हैं।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में इमरान खान की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग ने मौत से जुड़ी खबरों को झूठा बताया है, जबकि PTI ने CCTV के आधार पर उनके जीवित होने का दावा किया है। इन विरोधाभासी दावों के बीच इमरान खान की वास्तविक स्थिति को लेकर आधिकारिक और स्वतंत्र रूप से सत्यापित जानकारी का इंतजार बना हुआ है।
ऐसे में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से सामने आ रही अपुष्ट खबरों को लेकर सावधानी बरतना जरूरी है। इमरान खान की स्थिति से जुड़ी कोई निर्णायक जानकारी सामने आने पर ही उनकी मौत या स्वास्थ्य को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सकता है।
