May 6, 2026

होर्मुज में हमला, दुनिया में हड़कंप! फ्रांसीसी जहाज बना निशाना, ट्रंप ने अचानक रोका ऑपरेशन,क्या बढ़ने वाला है बड़ा युद्ध?

0
6-15-1778058796


नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक समुद्री व्यापार को गहरे संकट में डाल दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में हालात उस समय और बिगड़ गए, जब फ्रांस की शिपिंग कंपनी CMA CGM के एक कार्गो जहाज पर हमला कर दिया गया। बताया जा रहा है कि ‘सैन एंटोनियो’ नाम का यह जहाज जब होर्मुज से गुजर रहा था, तभी उस पर मिसाइल या ड्रोन से हमला हुआ, जिसमें कई क्रू मेंबर घायल हो गए। हालांकि कंपनी ने पुष्टि की है कि सभी घायलों को सुरक्षित निकालकर इलाज के लिए भेज दिया गया है।

इस हमले के बाद क्षेत्र में पहले से जारी तनाव और गहरा गया है। खासतौर पर इसलिए क्योंकि होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है, जहां से हर दिन सैकड़ों जहाज गुजरते हैं। लेकिन मौजूदा हालात में यह संख्या बुरी तरह प्रभावित हुई है।

इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला लेते हुए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ ऑपरेशन को अचानक बंद कर दिया। यह ऑपरेशन होर्मुज में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए शुरू किया गया था, लेकिन दो दिनों में महज तीन जहाजों को ही सुरक्षित निकाल पाने के बाद इसे रोक दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन को रोकने के पीछे क्षेत्रीय दबाव और बढ़ते सैन्य जोखिम बड़ी वजह माने जा रहे हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भी इस संकट को लेकर हलचल तेज हो गई है। अमेरिका ने सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश कर ईरान से हमले रोकने, समुद्री मार्ग सुरक्षित रखने और अवरोध हटाने की मांग की है। वहीं, चीन ने भी दोनों देशों से तुरंत तनाव कम करने और युद्ध जैसे हालात खत्म करने की अपील की है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच खाड़ी क्षेत्र में हमलों का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा। ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी के अनुसार, हाल के महीनों में इस क्षेत्र में 40 से ज्यादा घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें 26 सीधे हमले शामिल हैं। इसके अलावा संदिग्ध गतिविधियां और जहाजों के अपहरण की घटनाएं भी सामने आई हैं।

इस तनाव का असर सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। तेल सप्लाई प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ रही है, जबकि हजारों नाविक समुद्र में फंसे हुए हैं। अनुमान है कि इस इलाके में 1500 से ज्यादा जहाज और हजारों क्रू मेंबर अभी भी जोखिम के बीच मौजूद हैं।

कुल मिलाकर, होर्मुज में बढ़ता टकराव अब सिर्फ एक क्षेत्रीय संकट नहीं रह गया है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है। अब नजर इस बात पर है कि क्या कूटनीतिक प्रयास इस तनाव को कम कर पाएंगे या हालात और बिगड़ेंगे

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *