September 4, 2026

पश्चिम एशिया तनाव के बीच जेडी वेंस ने ईरान की तुलना में चीन को बताया अधिक जिम्मेदार देश, दबाव बढ़ाने के संकेत

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नई दिल्ली ।पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को लेकर अमेरिकी रणनीति और चीन की संभावित भूमिका पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। वेंस ने ईरान की तुलना में चीन को अधिक जिम्मेदार देश बताते हुए कहा कि बीजिंग ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के अमेरिकी प्रयास में सहयोग के लिए तैयार है।

अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के लिए ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य ईरान की आर्थिक गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों पर दबाव बढ़ाना बताया जा रहा है। ऐसे में चीन का सहयोग अमेरिकी रणनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि चीन ईरान के साथ महत्वपूर्ण आर्थिक संबंध रखने वाले देशों में शामिल है।

वेंस ने कहा कि चीन सरकार इस मामले में सहयोग करने के लिए तैयार है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अमेरिका और चीन के बीच कई नीतिगत मतभेद मौजूद हैं। इसके बावजूद उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच संबंधों को सकारात्मक बताया।

ईरान और चीन की तुलना करते हुए वेंस ने कहा कि चीन अंतरराष्ट्रीय विवादों में अपनी बात मनवाने के लिए वाणिज्यिक जहाजों पर उसी तरह गोलीबारी करने वाला देश नहीं है, जैसा अमेरिका ईरान के मामले में आरोप लगा रहा है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में समुद्री मार्गों और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी हुई है।

वेंस के अनुसार तुर्किये, अजरबैजान, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कतर और अन्य खाड़ी देश भी अलग-अलग स्तर पर अमेरिका की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ देश सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति जाहिर नहीं करना चाहते, लेकिन निजी तौर पर वे वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों को लेकर ईरान पर दबाव बनाने के पक्ष में हैं।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ आगे की रणनीति को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन के पास आर्थिक, सैन्य, राजनयिक और गुप्त उपायों सहित कई विकल्प मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने इन विकल्पों की विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया।

वेंस ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन अपनी योजनाओं को सार्वजनिक नहीं करेगा, क्योंकि ऐसा करने से राष्ट्रपति ट्रंप की निर्णय लेने की क्षमता सीमित हो सकती है। उनका कहना था कि राष्ट्रपति को परिस्थितियों के अनुसार फैसला लेने के लिए रणनीतिक गोपनीयता बनाए रखना जरूरी है।

वेंस ने हालिया अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का बचाव करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान वहां वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने वाली गतिविधियां बंद नहीं करता है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के प्रमुख ऊर्जा परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां किसी भी लंबे समय तक व्यवधान से कच्चे तेल और अन्य ऊर्जा उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसका असर एशिया और यूरोप सहित उन अर्थव्यवस्थाओं पर भी पड़ सकता है जो पश्चिम एशिया से ऊर्जा आयात करती हैं।

अमेरिका की ओर से चीन के सहयोग का दावा इस पूरे घटनाक्रम में विशेष महत्व रखता है। वाशिंगटन और बीजिंग के बीच व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद रहे हैं, लेकिन ईरान के खिलाफ दबाव अभियान में संभावित सहयोग पश्चिम एशिया की बदलती कूटनीतिक परिस्थितियों को दर्शाता है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि चीन वास्तव में अमेरिकी आर्थिक दबाव अभियान में किस स्तर तक सहयोग करता है और ईरान की प्रतिक्रिया क्या रहती है।

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