May 4, 2026

डिजिटल ठगी का नया जाल! बुजुर्ग सबसे ज्यादा निशाने पर, ये 5 उपाय बचाएंगे आपकी मेहनत की कमाई

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नई दिल्ली। देश में साइबर ठगी का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और सबसे ज्यादा निशाने पर बुजुर्ग आ रहे हैं। हाल ही में Bilaspur में एक रिटायर्ड महिला प्रोफेसर को ठगों ने 7 दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखकर 1.4 करोड़ रुपये ठग लिए। यह कोई अकेला मामला नहीं है—देश में ऐसे मामलों में 60% से ज्यादा पीड़ित वरिष्ठ नागरिक हैं।

अब ठग सिर्फ OTP या बिजली बिल के बहाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खुद को Central Bureau of Investigation (CBI), पुलिस या TRAI अधिकारी बताकर “टेरर फंडिंग”, “ड्रग्स पार्सल” या “मनी लॉन्ड्रिंग” जैसे गंभीर आरोपों का डर दिखाते हैं और लोगों को मानसिक दबाव में फंसा लेते हैं।

इसी खतरे को देखते हुए नई तकनीक भी सामने आई है। ‘अभय’ नाम का AI चैटबॉट संदिग्ध नोटिस और कॉल को तुरंत वेरिफाई कर सकता है। अब CBI के असली नोटिस पर QR कोड भी दिया जाएगा, जिसे स्कैन करके उसकी सच्चाई जांची जा सकेगी।

लेकिन सबसे जरूरी है सतर्कता। अगर आप या आपके घर के बुजुर्ग सुरक्षित रहना चाहते हैं, तो ये 5 उपाय बेहद काम के हैं

पहला, मोबाइल में DND (Do Not Disturb) सर्विस एक्टिव करें, जिससे फर्जी कॉल्स काफी हद तक बंद हो जाती हैं।

दूसरा, फोन में स्पैम कॉल और मैसेज फिल्टर ऑन रखें और अनजान नंबरों से आने वाली कॉल्स को रिसीव करने से बचें।

तीसरा, WhatsApp में ऑटो डाउनलोड बंद रखें ताकि संदिग्ध फाइल अपने आप डाउनलोड न हो सके।

चौथा, बैंकिंग और UPI ऐप्स में फिंगरप्रिंट या फेस लॉक जरूर लगाएं, ताकि कोई भी आसानी से आपके पैसे तक पहुंच न सके।

पांचवां, अगर जरा भी शक हो कि आप ठगी का शिकार हो सकते हैं, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या 112 पर कॉल करें और शिकायत दर्ज कराएं।

याद रखें ठग हमेशा डर और जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। इसलिए किसी भी कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें, पहले परिवार या एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें। यही सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।

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