Health: पहला ब्लड टेस्ट जो थकान की बीमारी का पता लगाएगा

देश के वैज्ञानिकों ने पहली बार ऐसा ब्लड टेस्ट बनाया है, जिससे पता लगाया जा सके कि कोई व्यक्ति क्रोनिक फेटिग सिंड्रोम से पीड़ित है या नहीं। यह बीमारी बहुत थकान पैदा करती है, जो आराम करने से भी कम नहीं होती। अब तक इस बीमारी का पता लगाने का कोई टेस्ट नहीं था। डॉक्टर इसे केवल लक्षणों के आधार पर पहचानते थे। इससे कई मरीज सालों तक बिना निदान या गलत निदान के रह जाते हैं।
अब इस नई खोज में वैज्ञानिकों ने मरीजों के डीएनए का पैटर्न देखा। 47 गंभीर मरीजों और 61 स्वस्थ लोगों का परीक्षण किया। उन्हें एक विशेष पैटर्न मिला, जो केवल बीमार लोगों में दिखाई देता है। इसी पैटर्न की मदद से अब एक सटीक रक्त परीक्षण तैयार किया गया है। क्रोनिक फेटिग सिंड्रोम में थकान इतनी गंभीर होती है कि आराम करने से भी कम नहीं होती। वैज्ञानिक अब तक पूरी तरह नहीं जानते कि यह क्यों होता है।
…वैज्ञानिकों ने कहा, और शोध भी जरूरी
कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि टेस्ट को अधिक बड़े और अलग-अलग अध्ययन में जांचा जाना चाहिए। यह देखना होगा कि क्या यह पैटर्न बीमारी के शुरुआती चरणों में भी दिखाई देता है और क्या यह पैटर्न अन्य बीमारियों में नहीं मिलता। इस टेस्ट को महंगा भी बताया गया है। इसकी कीमत 1 लाख 20 हजार रुपए आंकी गई है। विशेषज्ञों ने कहा कि क्लिनिकल उपयोग से पहले पूरी तरह परीक्षण जरूरी है।
टेस्ट की सटीकता काफी अच्छी
शोध में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, इस टेस्ट की सेंसिटिविटी 92प्रतिशत है, यानी यह बीमारी वाले मरीजों में 92त्न सही पहचान करता है। वहीं, 98प्रतिशत स्वस्थ लोगों को लगभग सही ढंग से नेगेटिव के रूप में पहचानता है। यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया के शोधकर्ताओं ने कहा कि अब मरीजों का जल्द और बेहतर तरीके से इलाज हो सकेगा। यह जन्मजात रोग नहीं है, उम्र बढ़ने के साथ लक्षण सामने आते हैं।
