जुबीन गर्ग मौत केस में नई कड़ी: घटना वाली यॉट के चश्मदीद सदस्य की कोर्ट में पेशी, बयान से जांच को मिल सकती है दिशा
52 वर्षीय जुबीन गर्ग की 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के चौथे आयोजन में हिस्सा लेने के लिए सिंगापुर पहुंचे थे। इसी दौरान वह लाजरस आइलैंड के पास एक यॉट पर गए थे। जानकारी के मुताबिक जुबीन गर्ग समुद्र में तैरने के लिए यॉट से नीचे उतरे थे लेकिन इसके बाद उनकी डूबने से मौत हो गई। इस घटना की खबर सामने आने के बाद असम समेत देशभर में उनके प्रशंसकों के बीच गहरा दुख देखने को मिला था। मौत की परिस्थितियों को लेकर सवाल भी उठे जिसके बाद मामले की गहन जांच शुरू की गई।
जुबीन गर्ग की मौत को लेकर असम में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज कराई गईं। इसके बाद असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मामले की विस्तृत जांच शुरू की। राज्य में दर्ज 60 से अधिक एफआईआर को बाद में एक साथ जोड़कर सीआईडी को सौंप दिया गया ताकि पूरे मामले की एकीकृत तरीके से जांच की जा सके।
जांच के बाद एसआईटी ने दिसंबर 2025 में कोर्ट के सामने चार्जशीट पेश की। इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा उनके बैंड से जुड़े शेखर ज्योति गोस्वामी और सिंगर अमृतप्रभा महंत शामिल हैं जिन पर हत्या सहित गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा जुबीन गर्ग के कजिन संदीपन गर्ग तथा उनके निजी सुरक्षा कर्मी नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैश्य को भी आरोपी बनाया गया है। हालांकि इन सभी आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है और मामला अभी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
मामले की सुनवाई तेजी से पूरी करने के उद्देश्य से गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मार्च 2026 में एक विशेष फास्ट ट्रैक सेशन कोर्ट का गठन किया था। इसके बाद मई में सभी सात आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए और मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ी। गवाहों के बयान दर्ज करने का सिलसिला 8 जून से शुरू हुआ था। 14 अगस्त तक अभियोजन पक्ष सूचीबद्ध 394 गवाहों में से 94 के बयान दर्ज करा चुका था। अब सिंगापुर से जुड़े गवाहों की गवाही को भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इसी क्रम में परीक्षित शर्मा का कोर्ट पहुंचना मामले की एक नई और अहम कड़ी माना जा रहा है। क्योंकि वह उस यॉट पर मौजूद थे जहां जुबीन गर्ग अपने अंतिम समय में मौजूद थे। ऐसे में उनके बयान से घटना के दौरान मौजूद परिस्थितियों और वहां के घटनाक्रम को समझने में मदद मिल सकती है।
उधर सिंगापुर की कोरोनर कोर्ट इस साल मार्च में जुबीन गर्ग की मौत को डूबने से हुई मौत बता चुकी है। वहां की जांच में किसी साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के ठोस सबूत नहीं मिले थे और फाउल प्ले की संभावना को खारिज कर दिया गया था। हालांकि भारत में चल रही न्यायिक प्रक्रिया उन आरोपों और परिस्थितियों की जांच से जुड़ी है जो जुबीन गर्ग की मौत के बाद सामने आई थीं। सुप्रीम कोर्ट भी मामले की सुनवाई को जल्द पूरा करने पर जोर दे चुका है। ऐसे में यॉट पर मौजूद रहे अहम गवाह परीक्षित शर्मा की गवाही को अब इस बहुचर्चित मामले की आगे की सुनवाई में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
