April 27, 2026

पौराणिक रहस्यों से जुड़ी फिल्म 'राकासा' की ग्लोबल रिलीज का काउंटडाउन शुरू..

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नई दिल्ली। सिनेमाई गलियारों में इन दिनों ऐसी कहानियों की मांग तेजी से बढ़ी है जो दर्शकों को डराने के साथ-साथ गुदगुदाने का भी माद्दा रखती हों। इसी कड़ी में, मनोरंजन जगत के डिजिटल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। दक्षिण भारतीय सिनेमा की एक ऐसी फिल्म, जिसने अपनी अनूठी कहानी और शानदार निर्माण से समीक्षकों को हैरान कर दिया था, अब घर-घर पहुँचने के लिए तैयार है।

‘राकासा’ नामक यह फैंटेसी हॉरर कॉमेडी फिल्म इसी सप्ताह 1 मई को डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने जा रही है। इस फिल्म ने अपनी रिलीज से पहले ही 8.8 की बेहद प्रभावशाली आईएमडीबी रेटिंग हासिल कर ली है, जो इसकी गुणवत्ता और दर्शकों के बीच इसकी स्वीकार्यता का सबसे बड़ा प्रमाण है।

मानसा शर्मा के निर्देशन में तैयार हुई यह फिल्म पौराणिक कथाओं और आधुनिक जीवन के टकराव की एक दिलचस्प दास्तां है। फिल्म का शीर्षक ‘राकासा’ सीधे तौर पर संस्कृत के ‘राक्षस’ शब्द से प्रेरित है, जो कहानी के केंद्र में मौजूद ‘ब्रह्मराक्षस’ के रहस्य की ओर इशारा करता है।

फिल्म की पटकथा ‘वीरबाबू’ नाम के एक एनआरआई युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पुराने प्यार को पाने की उम्मीद लिए विदेश से अपने पैतृक गांव ‘राकावरम’ लौटता है। हालांकि, उसकी यह प्रेम यात्रा तब एक भयानक मोड़ ले लेती है जब वह अनजाने में गांव के पास स्थित एक प्रतिबंधित और शापित क्षेत्र में प्रवेश कर जाता है। वीरबाबू की एक छोटी सी भूल पिछले 2,000 वर्षों से सोई हुई एक शक्तिशाली अलौकिक शक्ति को जागृत कर देती है, जिसने कभी पूरे इलाके में आतंक मचाया था।

तकनीकी और रचनात्मक रूप से इस फिल्म को बेहद बारीकी से संवारा गया है। गुलाबी हाथी (पिंक एलीफेंट) पिक्चर्स के बैनर तले निर्मित इस फिल्म में संगीत शोभन और नयन सारिका ने मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने न केवल अपनी लागत से कहीं अधिक का कारोबार किया, बल्कि कंटेंट के मामले में बड़े सितारों की फिल्मों को भी पीछे छोड़ दिया।

फिल्म की चर्चा तब और अधिक बढ़ गई जब फिल्म उद्योग के दिग्गज अभिनेताओं ने इसकी प्रशंसा की और इसके अनूठे कॉन्सेप्ट को सिनेमा की एक नई दिशा बताया। यही कारण है कि यह फिल्म वर्तमान में डिजिटल ट्रेंड्स में शीर्ष पर बनी हुई है।

यह फिल्म केवल अपनी डरावनी कहानी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहतरीन हास्य और विजुअल इफेक्ट्स के लिए भी सराही जा रही है। दर्शकों की भारी मांग को देखते हुए इसे मूल भाषा के साथ-साथ हिंदी, तमिल और कन्नड़ में भी रिलीज किया जा रहा है, ताकि भाषाई सीमाओं से परे हर कोई इस रोमांच का अनुभव कर सके।

पौराणिक रहस्यों, ग्रामीण परिवेश और आधुनिक संवेदनाओं का ऐसा मिश्रण हाल के वर्षों में कम ही देखने को मिला है। ऐसे में यदि आप भी वीकेंड पर कुछ नया और प्रभावशाली देखने की योजना बना रहे हैं, तो ‘राकासा’ की यह डिजिटल रिलीज एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है। यह फिल्म इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे एक सशक्त पटकथा वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकती है।

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