काला हिरण फिल्म पर सलमान खान ने जताई कड़ी आपत्ति लगाए गंभीर आरोप बोले फिल्म में दिखाया गया मेरा मीडिया ट्रायल
दिल्ली हाईकोर्ट में गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान सलमान खान की ओर से पेश वकील रवि प्रकाश ने कहा कि फिल्म उनके मुवक्किल की जिंदगी से जुड़ी घटनाओं और अक्टूबर 1998 में सामने आए काला हिरण मामले से संबंधित कानूनी कार्रवाई पर आधारित है। उनका कहना था कि फिल्म के प्रमोशन से जुड़े पोस्टर टीजर और अन्य सामग्री में सलमान खान के नाम उनकी शक्ल और उनके चर्चित घटनाक्रम से जुड़े संकेतों का इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में दर्शकों के सामने अभिनेता की एक ऐसी छवि पेश होने का खतरा है जो अदालत में लंबित मामलों को प्रभावित कर सकती है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि फिल्म में कोर्ट की कार्यवाही जैसे दृश्य दिखाकर सलमान खान से जुड़े मामलों का कथित तौर पर मीडिया ट्रायल किया गया है। अभिनेता की ओर से दावा किया गया कि फिल्म में काल्पनिक गवाही कथित फोरेंसिक निष्कर्ष और नाटकीय अदालती घटनाओं के जरिए उन्हें दोषी के तौर पर पेश करने की कोशिश की गई है। उनका कहना है कि इस तरह की प्रस्तुति संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले अधिकारों और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत को प्रभावित कर सकती है।
सलमान खान की याचिका में यह आरोप भी लगाया गया है कि फिल्म में उन्हें गवाहों को डराने धमकाने झूठी गवाही के लिए उकसाने मेडिकल विशेषज्ञों को रिश्वत देने और जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया पर दबाव डालने जैसे मामलों से जोड़ा गया है। याचिका के अनुसार इनमें से कई आरोप ऐसे हैं जिनका सामना अभिनेता ने वास्तविक कानूनी मामलों में कभी किया ही नहीं।
मामले में एक और दिलचस्प मोड़ तब आया जब फिल्म के निर्माता अमित जानी ने अदालत को बताया कि काला हिरण बैटल फॉर लिगेसी फिलहाल रिलीज के लिए तैयार ही नहीं है। निर्माता के मुताबिक फिल्म को अभी केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC से प्रमाणपत्र नहीं मिला है। ऐसे में मौजूदा स्थिति में फिल्म किसी OTT प्लेटफॉर्म पर भी रिलीज नहीं हो सकती। निर्माता के इस बयान के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर चल रही कानूनी बहस और भी महत्वपूर्ण हो गई है।
याचिका में सलमान खान ने यह भी आरोप लगाया है कि फिल्म के कुछ दृश्यों में उन्हें अंडरवर्ल्ड और अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी संगठनों से जोड़ने की कोशिश की गई है। उनका दावा है कि इस तरह की सामग्री उन्हें सार्वजनिक तौर पर नफरत और उपहास का पात्र बना सकती है तथा उनकी सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकती है। अभिनेता ने इसे उनकी प्रतिष्ठा को गंभीर और अपूरणीय नुकसान पहुंचाने वाला बताया है।
फिलहाल दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 सितंबर की तारीख तय की है। अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि अदालत फिल्म की सामग्री और सलमान खान की आपत्तियों को किस नजरिए से देखती है और आगे फिल्म की रिलीज को लेकर क्या दिशा तय होती है।
