September 29, 2026

नदी किनारे हो रही रहस्यमयी मौतों ने बढ़ाया खौफ 7 एपिसोड की इस सीरीज में हर मोड़ पर मिलेगा नया ट्विस्ट

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नई दिल्ली।अगर आपको क्राइम थ्रिलर और साइकोलॉजिकल सस्पेंस से भरपूर कहानियां पसंद हैं तो ओटीटी पर मौजूद एक ऐसी सीरीज आपका ध्यान खींच सकती है जिसमें रहस्यमयी मौतों के साथ लोककथाओं और जंगली मगरमच्छों का खौफ भी देखने को मिलता है। इस सीरीज का नाम राक्षसा है। कहानी नॉर्थ कर्नाटक की पृष्ठभूमि में बुनी गई है जहां मालाप्रभा नदी के आसपास कुछ रहस्यमयी मौतें होने लगती हैं। इन घटनाओं के बाद इलाके के लोगों में डर का माहौल बन जाता है और गांव वाले इन मौतों को पुरानी लोककथाओं तथा मगरमच्छों के हमलों से जोड़कर देखने लगते हैं।

कहानी का सबसे दिलचस्प हिस्सा पुलिस जांच और स्थानीय मान्यताओं के बीच पैदा होने वाला टकराव है। सीरीज में विजय राघवेंद्र सब इंस्पेक्टर हनमप्पा की भूमिका निभा रहे हैं। यह उनका ओटीटी डेब्यू बताया गया है। हनमप्पा अंधविश्वास और श्राप जैसी बातों पर आसानी से विश्वास नहीं करता। वह हर घटना को तर्क और सबूतों के आधार पर समझने की कोशिश करता है। उसका जोर घटनाओं की सही टाइमलाइन और उपलब्ध सबूतों पर रहता है।

जैसे जैसे हनमप्पा इस रहस्यमयी मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश करता है वैसे वैसे कहानी में कई नए सवाल खड़े होने लगते हैं। एक तरफ उसके सामने लगातार सामने आ रही मौतों की गुत्थी है तो दूसरी तरफ उसकी निजी जिंदगी भी कई जिम्मेदारियां लेकर खड़ी है। उसकी पत्नी प्रेग्नेंट है और ऐसे समय में उसे अपने परिवार के साथ साथ अपने पुलिस के काम पर भी पूरा ध्यान देना पड़ता है। यही दोहरी जिम्मेदारी उसके किरदार को और दिलचस्प बनाती है।

राक्षसा की खासियत इसका छोटा और तेज रफ्तार फॉर्मेट भी है। सीरीज में कुल 7 एपिसोड हैं और हर एपिसोड लगभग 20 से 22 मिनट का है। कम समय में कहानी को आगे बढ़ाने के कारण दर्शकों को लगातार नए घटनाक्रम देखने को मिलते हैं। एक रहस्य सामने आने के बाद दूसरा सवाल खड़ा हो जाता है और यही सिलसिला दर्शकों की दिलचस्पी बनाए रखता है।

यह सीरीज जी5 पर देखी जा सकती है। इसकी आईएमडीबी रेटिंग 7.2 बताई गई है। सीरीज का निर्देशन सुहान प्रदास ने किया है। इसमें विजय राघवेंद्र के साथ अविनाश और मयूरी क्यातरी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। इसे थरुन सुधीर ने प्रोड्यूस किया है जबकि कहानी और लेखन की जिम्मेदारी सुहान प्रसाद ने अपूर्वा कुमार के साथ संभाली है।

राक्षसा को तमिल वेब सीरीज विलंगू का कन्नड़ अडैप्शन बताया गया है। हालांकि इसे हूबहू कॉपी करने के बजाय कन्नड़ दर्शकों और स्थानीय संस्कृति को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यही वजह है कि कहानी में स्थानीय माहौल और लोकविश्वासों की झलक भी दिखाई देती है। अगर आपको रहस्यमयी मौतें पुलिस जांच सस्पेंस और लगातार आने वाले ट्विस्ट पसंद हैं तो राक्षसा आपके लिए एक दिलचस्प क्राइम थ्रिलर साबित हो सकती है।

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