मंदाकिनी का बड़ा खुलासा फिल्मों में काम के बाद भी नहीं मिली फीस बताया कैसा था उस दौर का माहौल
मंदाकिनी ने न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में अपने करियर के दिनों को याद किया। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उस समय फिल्म इंडस्ट्री का काम करने का तरीका आज के मुकाबले काफी अलग था। मंदाकिनी के मुताबिक उन्होंने अपने करियर में करीब 16 से 17 फिल्मों में काम किया लेकिन उन्हें उन फिल्मों की पूरी फीस नहीं मिली। उन्होंने उस दौर को याद करते हुए फिल्म सेट के माहौल को बेहद अनौपचारिक और घर जैसा बताया।
अभिनेत्री ने बताया कि फिल्मों में काम करने का अनुभव उनके लिए काफी अच्छा रहा। उनके अनुसार कलाकारों के बीच आपसी मेलजोल ज्यादा था और सेट पर सभी लोग साथ मिलकर समय बिताते थे। कलाकार एक साथ खाना खाते थे और किसी दूसरे कलाकार से मिलने के लिए पहले से अनुमति लेने जैसी औपचारिकता नहीं होती थी। लोग एक दूसरे के कमरे में भी आसानी से जा सकते थे। मंदाकिनी ने कहा कि उस समय का माहौल उन्हें काफी सहज और परिवार जैसा महसूस होता था।
मंदाकिनी ने उस दौर के फिल्मी कॉन्ट्रैक्ट को लेकर भी अपनी यादें साझा कीं। उन्होंने बताया कि उस समय फिल्मों को साइन करने की प्रक्रिया काफी अनौपचारिक हुआ करती थी। कई बार कलाकारों से पहले फिल्म साइन करने के लिए कहा जाता था और भुगतान की बात बाद में होती थी। इस वजह से कई मौकों पर कलाकारों को अपनी फीस को लेकर इंतजार करना पड़ता था। मंदाकिनी ने इसी संदर्भ में बताया कि उनके साथ भी कई फिल्मों में ऐसा हुआ।
उन्होंने यह भी बताया कि कभी कभी वह बिना फीस लिए भी फिल्मों में काम करने के लिए तैयार हो जाती थीं। खासकर जब फिल्म से जुड़े लोग या उनके साथी कलाकार कुछ दिनों के काम के लिए मदद मांगते थे तो वह सहयोग कर देती थीं। उनके अनुसार उस समय इंडस्ट्री में काम करने का तरीका काफी अलग था और कई चीजें औपचारिक समझौते के बजाय आपसी भरोसे और बातचीत के आधार पर तय हो जाती थीं।
मंदाकिनी के करियर की सबसे चर्चित फिल्मों में राम तेरी गंगा मैली का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। राज कपूर के निर्देशन में बनी यह फिल्म 1985 में रिलीज हुई थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था और मंदाकिनी को इसके बाद बड़ी पहचान मिली। फिल्म में उनके कई दृश्य उस समय चर्चा का विषय बने थे। खासतौर पर झरने के नीचे फिल्माया गया दृश्य और ब्रेस्ट फीडिंग सीन लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा में रहे।
राम तेरी गंगा मैली को फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में भी सफलता मिली थी। फिल्म को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार मिले थे। इसके संगीत और निर्देशन की भी काफी सराहना हुई थी। फिल्म की सफलता ने मंदाकिनी के करियर को नई ऊंचाई दी और वह दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गईं।
अब इतने वर्षों बाद जब मंदाकिनी ने अपने शुरुआती फिल्मी सफर को याद किया है तो उनकी बातों से उस दौर के हिंदी फिल्म उद्योग के कामकाज की एक अलग तस्वीर सामने आती है। एक तरफ उन्होंने सेट के दोस्ताना माहौल और सहयोग को याद किया तो दूसरी तरफ यह भी बताया कि उस समय काम और भुगतान से जुड़े समझौते आज की तरह व्यवस्थित नहीं थे। इसी वजह से उनके मुताबिक कई फिल्मों में काम करने के बावजूद उन्हें पूरी फीस नहीं मिल सकी।
