कार्तिक आर्यन और ममूटी सर्वश्रेष्ठ अभिनेता घोषित, 'चंदू चैंपियन' के लिए कार्तिक ने जीता पहला नेशनल अवॉर्ड
नई दिल्ली । राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के हालिया एलान ने भारतीय सिनेमा जगत में उत्साह और गौरव की एक नई लहर पैदा कर दी है। देश के सबसे प्रतिष्ठित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की घोषणा के साथ ही कई कलाकारों के करियर में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया है। इस वर्ष के पुरस्कारों में सबसे बड़ा आकर्षण बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन रहे, जिन्हें उनके करियर के सबसे चुनौतीपूर्ण और बेहतरीन अभिनय के लिए देश का सर्वोच्च अभिनय सम्मान दिया गया है। कार्तिक आर्यन को फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ में उनके असाधारण प्रदर्शन के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता घोषित किया गया है। उनके साथ ही दक्षिण भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता ममूटी को भी उनके शानदार अभिनय के लिए इस शीर्ष सम्मान से नवाजा गया है, जो उनके सफर का चौथा राष्ट्रीय पुरस्कार है।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि की घोषणा होते ही विजेता अभिनेता के घर और प्रशंसकों के बीच जश्न का माहौल बन गया। कार्तिक आर्यन ने अपनी इस बड़ी कामयाबी की झलक सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक और गरिमापूर्ण पोस्ट के जरिए साझा की है। उन्होंने एक वीडियो इंटरनेट पर पोस्ट किया है जिसमें वह अपने परिवार के साथ बैठकर लैपटॉप की स्क्रीन पर लाइव पुरस्कारों की घोषणा देख रहे हैं। जैसे ही स्क्रीन पर विजेता के रूप में उनका नाम आता है, पूरा परिवार खुशी से झूम उठता है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कार्तिक गर्व से स्क्रीन की तरफ उंगली दिखाकर अपने माता-पिता और परिजनों को अपना नाम दिखा रहे हैं, जिसके बाद पूरा परिवार गले मिलकर इस ऐतिहासिक क्षण को साझा करता है।
इस अविस्मरणीय पल को अपने प्रशंसकों के साथ साझा करते हुए अभिनेता ने लिखा कि वह अभी भी इस अद्भुत एहसास को पूरी तरह आत्मसात करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में कुछ पल ऐसे आते हैं जो शब्दों की सीमा से बहुत परे होते हैं और यह पुरस्कार उनके लिए बिल्कुल वैसा ही है। उन्होंने यह भी साझा किया कि वर्षों से देखा गया उनका एक बड़ा सपना आज आखिरकार सच हो गया है, जिसके लिए वह सिनेमा जगत, जूरी और अपने प्रशंसकों के प्रति हमेशा विनम्र और आभारी रहेंगे। यह पुरस्कार उनके लिए मात्र एक सम्मान नहीं, बल्कि उनके सालों के कड़े परिश्रम और समर्पण का सबसे बड़ा प्रमाण है।
कार्तिक आर्यन ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत साल 2011 में फिल्म ‘प्यार का पंचनामा’ से की थी, जिसके बाद लंबे समय तक उन्हें मुख्य रूप से रोमांटिक-कॉमेडी और ड्रामा फिल्मों के लिए पहचाना जाता रहा। उन्होंने ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’, ‘लुका छुपी’ और ‘सत्यप्रेम की कथा’ जैसी व्यावसायिक रूप से सफल फिल्मों में काम करके बॉक्स ऑफिस पर अपनी एक मजबूत पहचान बनाई थी। हालांकि, निर्देशक कबीर खान के मार्गदर्शन में बनी स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म ‘चंदू चैंपियन’ ने उनके करियर की पूरी दिशा ही बदल दी। यह फिल्म भारत के पहले पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता मुरलीकांत पेटकर के संघर्षपूर्ण और प्रेरणादायक जीवन पर आधारित है, जिसके मुख्य किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत करने के लिए कार्तिक आर्यन ने अभूतपूर्व शारीरिक और मानसिक बदलाव किए थे। फिल्म समीक्षकों और दर्शकों ने रिलीज के समय ही उनके इस काम को उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन माना था और अब राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस मान्यता ने इस पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है।
इस वर्ष के राष्ट्रीय पुरस्कारों में ‘चंदू चैंपियन’ के अलावा अन्य फिल्मों का भी दबदबा रहा। फिल्म ‘आर्टिकल 370’ में अपनी सशक्त और गंभीर भूमिका के लिए अभिनेत्री यामी गौतम को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के खिताब से नवाजा गया है, जिन्होंने पुरस्कार जीतने के बाद अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सपने सच होते हैं। वहीं दूसरी ओर, फिल्म ‘भक्षक’ में अपने बेहतरीन और यथार्थवादी अभिनय के लिए जाने-माने अभिनेता संजय मिश्रा को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार मिला है। अभिनेता रणदीप हुड्डा को भी उनकी महत्वाकांक्षी फिल्म ‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया है, जिसे उन्होंने अपने करियर की सबसे कठिन फिल्म बताया था। कला जगत और खेल पृष्ठभूमि पर आधारित सिनेमा को इस बार राष्ट्रीय मंच पर जो सराहना मिली है, उसने भारतीय फिल्म उद्योग में गुणवत्तापूर्ण और कंटेंट-आधारित कहानियों के महत्व को और अधिक बढ़ा दिया है।
