July 18, 2026

जानिए रुपहले पर्दे पर राज करने वाले कपूर परिवार के 8 सदस्यों की मौत की असली वजह

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नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा जगत में दशकों तक एकछत्र राज करने वाले और भारतीय फिल्म उद्योग को वैश्विक पहचान दिलाने वाले प्रतिष्ठित कपूर परिवार का इतिहास जितना गौरवशाली रहा है, स्वास्थ्य के मोर्चे पर इस परिवार का संघर्ष उतना ही त्रासद रहा है। पृथ्वीराज कपूर से लेकर वर्तमान पीढ़ी के रणबीर कपूर तक, इस कुनबे ने भारतीय सिनेमा को कई नायाब फिल्ममेकर और अभिनेता दिए हैं। हालांकि, पर्दे पर करोड़ों दिलों को जीतने वाले इस परिवार के कई दिग्गज सदस्यों को बेहद कम उम्र में गंभीर बीमारियों के कारण दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। इस परिवार के आठ प्रमुख सदस्यों की जीवन यात्रा और उनकी मृत्यु के कारणों का विश्लेषण करने पर यह स्पष्ट होता है कि कैंसर, हृदय घात और क्रॉनिक बीमारियां इस प्रतिष्ठित परिवार के लिए बेहद घातक साबित हुईं।

कपूर खानदान की नींव रखने वाले महान अभिनेता पृथ्वीराज कपूर, जिन्होंने ऐतिहासिक फिल्म मुगल-ए-आजम में सम्राट अकबर की भूमिका निभाकर अभिनय के नए मापदंड स्थापित किए थे, वह अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से पीड़ित हो गए थे। वर्ष 1972 में मात्र 65 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। इस त्रासदी का सबसे संवेदनशील पहलू यह रहा कि उनकी पत्नी रामसरनी मेहरा भी इसी घातक बीमारी से ग्रसित थीं और अपने पति के निधन के ठीक 16 दिन बाद उन्होंने भी दम तोड़ दिया। इसी तरह, पृथ्वीराज कपूर के छोटे भाई और अपने दौर के बेहद सफल अभिनेता त्रिलोक कपूर का निधन वर्ष 1988 में 76 वर्ष की आयु में अचानक आए तीव्र हृदय घात के कारण हुआ था।

भारतीय सिनेमा के ‘शोमैन’ कहे जाने वाले राज कपूर का अंतिम समय बेहद कष्टदायक रहा। गंभीर अस्थमा से पीड़ित राज कपूर को मई 1988 में एक पुरस्कार समारोह के दौरान दिल्ली में सांस का तीव्र दौरा पड़ा था। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती कराने के बाद चिकित्सकों को ज्ञात हुआ कि उनका निमोनिया बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच चुका था। लगभग एक महीने तक वेंटिलेटर और कोमा में रहने के बाद आखिरकार 2 जून 1988 को उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके नक्शेकदम पर चलते हुए सिनेमा को नई ऊर्जा देने वाले उनके भाई शम्मी कपूर अपने अंतिम वर्षों में गुर्दे की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे, जिसके कारण 14 अगस्त 2011 को उनका निधन हो गया। वहीं, अपनी उत्कृष्ट संवाद अदायगी के लिए विख्यात शशि कपूर का वर्ष 2017 में सीने में संक्रमण और लंबे समय से चल रही अस्वस्थता के चलते मुंबई के एक अस्पताल में निधन हुआ था।

राज कपूर की अगली पीढ़ी भी इन गंभीर आनुवंशिक और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों से अछूती नहीं रही। उनकी बड़ी बेटी रितु नंदा का निधन वर्ष 2020 में कैंसर के कारण हुआ था। इसके कुछ ही समय बाद, हिंदी सिनेमा के सबसे रोमांटिक और ऊर्जावान अभिनेताओं में शुमार ऋषि कपूर भी ल्यूकेमिया यानी ब्लड कैंसर की चपेट में आ गए। अमेरिका में लंबे समय तक चले उपचार के बाद वह ठीक होकर भारत लौटे थे, किंतु संक्रमण और बीमारी के दोबारा उभरने के कारण 30 अप्रैल 2020 को उनका देहावसान हो गया। इस सिलसिले में सबसे कम उम्र में दुनिया छोड़ने वाले सदस्य राजीव कपूर रहे, जो राज कपूर के सबसे छोटे बेटे थे। फिल्म ‘राम तेरी गंगा मैली’ से लोकप्रियता हासिल करने वाले राजीव कपूर वर्ष 2021 में मात्र 58 वर्ष की आयु में तीव्र हृदय घात का शिकार हो गए और 60 की उम्र भी पार नहीं कर सके। इस प्रकार, इस महान कलात्मक परिवार के स्वास्थ्य इतिहास में कैंसर और हृदय संबंधी बीमारियां सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरीं।

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