September 8, 2026

रामायण पर कास्टिंग विवाद: रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में स्वीकार नहीं कर पाए रामानंद सागर के पोते, बोले नए चेहरे को मिलना चाहिए था मौका

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नई दिल्ली । दर्शकों को ‘रामायण’ जैसा लोकप्रिय सीरियल देने वाले मशहूर फिल्म निर्माता रामानंद सागर के पोते शिव सागर ने नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर की कास्टिंग पर नाराजगी जताई है। शिव सागर का कहना है कि संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘एनिमल’ में नैतिक रूप से जटिल किरदार निभाने के बाद उनके लिए रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में स्वीकार करना मुश्किल है।

शिव सागर ने कहा कि एक कास्टिंग को छोड़कर उन्हें फिल्म की बाकी कास्टिंग काफी पसंद है। व्यक्तिगत रूप से वह रणबीर कपूर को भगवान राम के रूप में स्वीकार नहीं कर सकते, क्योंकि ‘एनिमल’ के बाद उनके लिए रणबीर को राम के तौर पर देखना मुश्किल है। उनके मुताबिक भगवान राम की भूमिका के लिए किसी नए चेहरे को लिया जाना चाहिए था।

उन्होंने कहा कि फिल्म में यश और साई पल्लवी जैसे कलाकार अच्छे लग रहे हैं। उनके अनुसार इन कलाकारों के साथ कोई पुरानी छवि या पिछली भूमिकाओं का बोझ नहीं जुड़ा है। शिव सागर का मानना है कि इसी वजह से पौराणिक किरदारों के लिए अक्सर नए चेहरों को मौका दिया जाता है, ताकि दर्शकों के मन में कलाकार की कोई पुरानी छवि पहले से मौजूद न हो।

हालांकि, शिव सागर ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें रणबीर कपूर से कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने रणबीर को एक अच्छा अभिनेता बताया और कहा कि दर्शकों ने उन्हें अलग-अलग तरह के किरदारों में देखा है। उनके मुताबिक रणबीर को इस प्रोजेक्ट में इसलिए चुना गया होगा क्योंकि फिल्म की मार्केटिंग के लिहाज से उनकी लोकप्रियता महत्वपूर्ण हो सकती है। उनका मानना है कि रणबीर के बिना फिल्म की मार्केटिंग उतनी प्रभावी नहीं होती, इसलिए इस पहलू को भी ध्यान में रखा गया होगा।

शिव सागर ने यह भी कहा कि रणबीर कपूर को ‘रामायण’ में देखने के बाद दर्शक उन्हें किस तरह स्वीकार करते हैं, इसका फैसला जनता ही करेगी। उनके मुताबिक भगवान राम और रामायण को लेकर भारतीय दर्शकों की भावनाएं बेहद गहरी हैं। उन्होंने कहा कि भारत में राम को केवल पौराणिक कथा का हिस्सा नहीं माना जाता, बल्कि लोग उन्हें अपने इतिहास और आस्था से जोड़कर देखते हैं। ऐसे में भगवान राम की भूमिका को लेकर दर्शकों की संवेदनशीलता स्वाभाविक है।

इसी बीच कर्जत में राम मंदिर का निर्माण भी सागर परिवार के लिए बेहद खास पड़ाव बन गया है। मंदिर का सपना सबसे पहले रामानंद सागर ने देखा था, जिन्होंने 1987 में लोकप्रिय टीवी सीरियल ‘रामायण’ बनाया था। उनके बेटे प्रेम सागर ने इस सपने को आगे बढ़ाया और राजस्थान से भगवान राम की मूर्ति भी मंगवाई थी।

प्रेम सागर के निधन के बाद उनके बेटे शिव सागर ने कर्जत में मंदिर का निर्माण कार्य पूरा किया। इस तरह रामानंद सागर की तीन पीढ़ियों से जुड़ा यह सपना आखिरकार पूरा हुआ। एक तरफ परिवार भगवान राम से जुड़े अपने सपने को पूरा कर चुका है, वहीं दूसरी तरफ शिव सागर ने नई फिल्म में भगवान राम की भूमिका के लिए रणबीर कपूर की कास्टिंग को लेकर अपनी स्पष्ट निजी राय रखी है।

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