May 3, 2026

प्यार और जुनून की कहानी, दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ने प्रेमिका के लिए उठाया था बड़ा कदम..

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नई दिल्ली। कपूर परिवार के इतिहास से जुड़ा एक पुराना और दिलचस्प किस्सा एक बार फिर चर्चा में है, जिसमें अभिनेता ऋषि कपूर के परदादा दीवान बशेश्वरनाथ कपूर के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक घटनाओं का उल्लेख मिलता है। यह कहानी उनके व्यक्तित्व, सोच और उस दौर की सामाजिक परिस्थितियों की एक झलक पेश करती है।

दीवान बशेश्वरनाथ कपूर ब्रिटिश शासनकाल में प्रशासनिक सेवा से जुड़े हुए थे और अपने प्रभावशाली व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उनका स्वभाव सामान्य से अलग और बेहद आत्मविश्वासी बताया जाता है, जिसकी वजह से उनके कई किस्से समय-समय पर सामने आते रहे हैं। परिवार से जुड़े लोग भी अक्सर उनके जीवन की इन कहानियों को याद करते रहे हैं।

एक पुराने किस्से के अनुसार, एक बार जब वह अपनी घोड़ी पर यात्रा कर रहे थे, तब रास्ते में एक ब्रिटिश अधिकारी अपनी पत्नी के साथ मौजूद था। बातचीत के दौरान जब उस अधिकारी ने उनकी घोड़ी की तारीफ की, तो उन्होंने भी उसी अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि उनकी पत्नी भी उतनी ही अच्छी है। उनका यह जवाब उस समय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया था और उनके बेबाक स्वभाव को दर्शाता था।

उनके जीवन से जुड़ा एक और किस्सा प्रेम से संबंधित बताया जाता है, जो उनके रोमांटिक और भावुक स्वभाव को दर्शाता है। कहा जाता है कि उन्होंने अपने प्रेम के लिए एक असाधारण कदम उठाया और अपनी प्रेमिका तक पहुंचने के लिए एक सुरंग खुदवाने का निर्णय लिया। यह घटना उस दौर में काफी असामान्य मानी गई और लोगों के बीच लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही।

हालांकि इस कदम के कारण उन्हें अपने पद से हटाए जाने जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद उनके इस निर्णय को उनके जुनूनी और भावनात्मक स्वभाव के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। यह घटना उनके जीवन का एक ऐसा पहलू बन गई, जिसे लोग आज भी याद करते हैं।

अभिनेता ऋषि कपूर ने अपने जीवनकाल में इस पारिवारिक इतिहास का जिक्र करते हुए बताया था कि उनके परिवार में जो रोमांटिक और भावनात्मक स्वभाव देखने को मिलता है, उसकी जड़ें कहीं न कहीं उनके पूर्वजों से जुड़ी हुई हैं। उनका मानना था कि यह गुण उन्हें विरासत में मिला है, जो उनके अभिनय में भी दिखाई देता था।

यह पूरा किस्सा केवल एक पारिवारिक कहानी नहीं है, बल्कि उस समय की सोच, भावनात्मक अभिव्यक्ति और सामाजिक वातावरण को भी दर्शाता है। दीवान बशेश्वरनाथ कपूर का यह प्रसंग आज भी लोगों के बीच एक रोचक और चर्चित कहानी के रूप में याद किया जाता है, जो कपूर परिवार के इतिहास को और भी दिलचस्प बना देता है।

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