उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के घर को बम से उड़ाने की धमकी
– पुलिस की छानबीन में निकली फेक कॉल

देश के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के घर को बम से उड़ाने की धमकी दिए जाने का मामला प्रकाश में आय़ा है। उप राष्ट्रपति के चेन्नई स्थित घर पर ईमेल के जरिए ये धमकी दी गई है। ये ईमेल तमिलनाडु के डीजीपी ऑफिस को भेजा गया था, जिसमें दावा किया गया कि घर में बम प्लांट कर दिया गया है। पुलिस और बॉम्ब स्क्वॉयड ने तुरंत एक्शन लिया, पूरा घर छान मारा, लेकिन कुछ नहीं मिला।
धमकी: कैसे मिली और क्या हुआ?
सुबह-सुबह डीजीपी ऑफिस में ईमेल आता है। इसमें साफ-साफ लिखा था कि उप-राष्ट्रपति के रेसिडेंस पर बम है। पुलिस अलर्ट हो गई। तुरंत बॉम्ब डिटेक्शन स्क्वॉयड और लोकल पुलिस टीम चेन्नई पहुंची, घर के हर कोने की तलाशी ली। घंटों की मशक्कत के बाद, कोई विस्फोटक चीज नहीं मिली। अफसरों ने कहा, “ये होक्स है, कोई खतरा नहीं।” उप-राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, जो तमिलनाडु से हैं, तब चेन्नई में ही थे। जांच में आईपी एड्रेस और ईमेल ट्रेस करने की कोशिश हो रही है।
बॉम्ब थ्रेट्स का सिलसिला बढ़ रहा है
ये अकेली घटना नहीं है। हाल के दिनों में ऐसे नकली धमकियां बढ़ गई हैं। अभी पिछले गुरुवार (16 अक्तूबर) को दिल्ली के पश्चिम विहार ईस्ट में विशाल भारती पब्लिक स्कूल को ईमेल मिला। प्रिंसिपल ने तुरंत पुलिस को फोन किया। जांच में पता चला कि एक स्टूडेंट ने परीक्षा से बचने के लिए ये भेजा था। पुलिस ने होक्स घोषित कर दिया था।
इसी तरह के एक दिन पहले मंगलवार (15 अक्तूबर) को चेन्नई के टी नगर में म्यूजिक डायरेक्टर इलैयाराजा के स्टूडियो पर भी वैसी ही धमकी। ईमेल डीजीपी ऑफिस को भी गया। बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉयड ने स्टूडियो और आसपास छानबीन की, लेकिन कुछ नहीं।
इससे पहले भी पिछले हफ्ते, चेन्नई पुलिस को एक कॉल आया कि एक्टर-पॉलिटिशियन विजय के नीलांकराई वाले घर पर बम प्लांट होगा, अगर वो और पब्लिक मीटिंग्स कीं। कॉलर कन्याकुमारी से था। इमरजेंसी नंबर 100 पर फोन किया था। जांच में झूठा साबित हुआ।
