September 12, 2026

महापंचायत में उमड़ी भीड़: अंकिता के पिता बोले- लोगों को भ्रम हम बिक चुके, लेकिन…

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Justice for Ankita
  • Justice for Ankita: महापंचायत में VIP एंगल को लेकर 5 प्रस्ताव पास

  • कांग्रेस-CPI समेत 40 संगठन एक साथ

Justice for Ankita: अंकिता भंडारी हत्याकांड न्याय यात्रा के लिए आज देहरादून में महापंचायत का आयोजन हो रहा है। परेड मैदान में संयुक्त संघर्ष मंच के सदस्य व अन्य संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में जुटे हैं। Justice for Ankita:लोगों का कहना है कि हत्याकांड में वीआईपी के खिलाफ कार्रवाई न होने तक संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, अंकिता भंडारी के माता पिता और पूर्व सीएम हरीश रावत भी महापंचायत में पहुंचे है।

इस दौरान मंच से अंकिता के पिता ने कहा कि लोगों को भ्रम है कि हम बिक चुके हैं, लेकिन मैं न समझौता करने वालों में हूं, न बिकने वालों में। परेड ग्राउंड के पास अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर हो रही इस महापंचायत में कांग्रेस, CPI समेत 40 से अधिक संगठनों की भागीदारी सामने आ रही है।

अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले आयोजित इस महापंचायत में सामाजिक संगठनों, कर्मचारी यूनियनों, महिला संगठनों, युवाओं और विभिन्न जन मंचों की भागीदारी रही। आयोजकों के अनुसार, हर जिले, ब्लॉक और तहसील स्तर से लोगों को जोड़ने की रणनीति बनाई गई थी, जिसके चलते परेड ग्राउंड के आसपास भारी भीड़ जुटी। हालांकि यहां पर करीब 500 लोग ही पहुंचे थे।

इसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों से लोगों के साथ ही अंकिता भंडारी के माता-पिता भी पहुंचे, जिनमें पूर्व सीएम हरीश रावत ने भावुक संवाद किया। जिसके बाद अंकिता के माता-पिता की ओर से सीएम को सौंपे गए सीबीआई जांच पत्र को ही शिकायती पत्र मानने, डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की एफआईआर खारिज करने समेत पांच प्रस्ताव पेश किए गए, जो सर्वसम्मति से पास हुए।

कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है। पुलिस अतिरिक्त फोर्स रिजर्व में रखे हुए है और पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए है। वहीं, इस पूरे मामले को दोबारा सुर्खियों में लाने वाली उर्मिला सनावर को खोजकर वापस उत्तराखंड लाने वाले स्वामी दर्शनभारती ने कहा, “महापंचायत में हर कोई राजनीति कर रहा है। सीबीआई की प्रतिष्ठा दांव पर है।”

महापंचायत में ये 5 प्रस्ताव रखे गए…

  1. मांग:  पीड़ित परिवार के पत्र पर सीबीआई की जांच 
    डॉ. उमा भट्ट ने प्रस्ताव रखा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता द्वारा मुख्यमंत्री को सौंपा गया सीबीआई जांच का पत्र ही मूल शिकायती पत्र माना जाए। इसी आधार पर सीबीआई जांच कराई जाए और पूरी प्रक्रिया उच्चतम न्यायालय की निगरानी में हो, ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। – अंकिता के माता-पिता के शिकायती पत्र को ही सीबीआई जांच के लिए शिकायती पत्र माना जाए।

2. विरोध: सीबीआई जांच अनिल जोशी की एफआईआर पर 
ऊषा भट्ट ने कहा कि महापंचायत उस निर्णय को पूरी तरह खारिज करती है, जिसमें डॉ. अनिल प्रकाश जोशी की एफआईआर के आधार पर सीबीआई जांच की बात कही गई है। यह कदम मामले को कमजोर करने और वीआईपी आरोपियों व सबूत मिटाने वालों को बचाने की साजिश प्रतीत होता है।

3. आपत्ति: मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने पर 
बसंती पाठक ने कहा कि हत्याकांड के बाद वनंतरा रिसॉर्ट को बुलडोजर से गिराना साक्ष्य मिटाने की कोशिश थी, जो मुख्यमंत्री की अनुमति से हुई। ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच संभव नहीं है, इसलिए जांच पूरी होने और न्यायालय के निर्णय तक मुख्यमंत्री को पद छोड़ना चाहिए।

4. जन-आंदोलन की चेतावनी: 15 दिन का अल्टीमेटम
रेशमा पंवार ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों में वीआईपी चेहरों का खुलासा नहीं हुआ और पीड़ित पक्ष के पत्र के आधार पर जांच आगे नहीं बढ़ी, तो जनता जन-आंदोलन करेगी। साथ ही ‘अंकिता न्याय यात्रा’ के जरिए राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। – पंद्रह दिनों के भीतर यदि पीड़ित परिवार की शिकायत आगे नहीं बढ़ी तो महापंचायत होगी, राष्ट्रपति से मुलाकात होगी।

5. मांग: BJP नेताओं को जांच के दायरे में लाने की 
हीरा जंगपांगी ने कहा कि ‘वीआईपी एंगल’ में भाजपा से जुड़े दुष्यंत कुमार गौतम और अजेय कुमार के नाम सामने आए हैं। इसलिए दोनों को तत्काल जांच के दायरे में लाया जाए और भाजपा नैतिक जिम्मेदारी निभाते हुए उन्हें पदों से हटाए। – भाजपा नेता को जांच के दायरे में लाया जाए और निष्कासित किया जाए।

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