UP: नोएडा-मेरठ समेत 15 शहरों में तेज बारिश, कई इलाकों में बनी जलभराव की स्थिति
सहारनपुर में तड़के करीब चार बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने महज दो घंटे में शहर की सड़कों को जलमग्न कर दिया। कई स्थानों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। डीएम कार्यालय परिसर में घुटनों तक पानी जमा हो गया, जबकि ऑफिसर्स कॉलोनी में भी जलभराव हो गया। इस कॉलोनी में जिला जज, कमिश्नर और नगर आयुक्त सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों के सरकारी आवास हैं। शहर की अधिकांश कॉलोनियां तालाब जैसी नजर आईं।
नोएडा में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कई सड़कों पर कमर तक पानी भर गया, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। जगह-जगह महिलाएं स्कूली बच्चों को कंधों पर बैठाकर सड़क पार कराती दिखाई दीं, जबकि कई दोपहिया वाहन पानी में आधे डूब गए।
मेरठ में विकास प्राधिकरण के कार्यालय परिसर में पानी घुस गया। कैंप कार्यालय के बाहर जलभराव होने से महापौर को कुछ समय तक कार्यालय के भीतर ही रुकना पड़ा। वहीं रायबरेली में बारिश के बाद खेत में करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। ग्रामीणों ने जांच की तो वहां सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी, जिसके बाद सूचना मिलने पर एएसआई की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
मौसम विभाग (IMD) ने आज प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 7 जिलों में अत्यधिक भारी और 53 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण गंगा, यमुना, घाघरा और सरयू नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है।
लखीमपुर खीरी में शारदा नदी के कटान से करीब 120 बीघा गन्ने की फसल नदी में समा गई है। वहीं बलिया में सरयू नदी का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है।
लखनऊ स्थित मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार मानसूनी ट्रफ एक बार फिर उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय हो रही है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र भी मजबूत हो रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 30 जुलाई तक हल्की से मध्यम तथा कई स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।
