April 23, 2026

नए गठबंधन के मोह से अखिलेश ने मोड़ा मुख, 'पीडीए' के दम पर भाजपा के शुद्धिकरण का किया शंखनाद

0
32-1775912934
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की राजनीति के फलक पर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) ने अपनी रणनीतिक बिसात बिछा दी है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी किसी भी नए राजनीतिक दल के साथ गठबंधन का प्रयोग नहीं करेगी। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि वर्तमान में जो गठबंधन (इंडिया अलायंस) अस्तित्व में है, वही 2027 की चुनावी जंग में भी पार्टी का आधार बनेगा। अखिलेश के इस बयान ने उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें छोटे दलों के साथ नए तालमेल की संभावना जताई जा रही थी।

अनुभवों से ली सीख, पुराने साथियों पर भरोसा
अखिलेश यादव ने गठबंधन के अपने पुराने और खट्टे-मीठे अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने अलग-अलग समय में कई प्रयोग किए हैं। हमारे पास गठबंधन का लंबा अनुभव है और इसी आधार पर हमने तय किया है कि जो साथी वर्तमान में हमारे साथ खड़े हैं, हम उन्हीं के साथ मजबूती से आगे बढ़ेंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बार भाजपा का मुकाबला केवल किसी राजनीतिक गठबंधन से नहीं, बल्कि एक ‘समुदाय’ से होगा। यह समुदाय ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) है, जो भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर मतदान करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सपा की नजर फिलहाल केवल उत्तर प्रदेश पर है और राजस्थान में चुनाव लड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।

वोटर लिस्ट में ‘शुद्धिकरण’ पर छिड़ा वाकयुद्ध
मतदाता सूची में धांधली के मुद्दे पर अखिलेश यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने ग्रामीण क्षेत्रों के बजाय शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर वोट काटने की साजिश रची थी, क्योंकि वहां उसे हार का डर सता रहा था। सपा प्रमुख ने दावा किया कि उनके ‘पीडीए प्रहरियों’ ने हर बूथ पर पैनी नजर रखी, जिससे सत्ता पक्ष की गणित फेल हो गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “भाजपा मतदाता सूची के शुद्धिकरण का दावा कर रही है, लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि प्रदेश की जनता आने वाले चुनाव में उनकी सरकार का ही पूर्ण शुद्धिकरण कर देगी।” उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे जिला स्तर पर मतदाता सूची का सूक्ष्म विश्लेषण जारी रखें।

‘नकली संतों’ की राजनीति पर प्रहार
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में उतरते हुए अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश की सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि अविमुक्तेश्वरानंद उन ‘नकली संतों’ से संघर्ष कर रहे हैं जिन्होंने धर्म का चोला पहनकर राजनीति को दूषित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों से प्रमाण मांग रहे हैं, उनके पास खुद कोई प्रामाणिक आधार नहीं है। समाजवादी पार्टी वास्तविक संतों का सम्मान करती है और स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का आशीर्वाद पार्टी के साथ हमेशा रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जल्द ही इन ‘नकली संतों’ की वास्तविकता पर भी कोई वेब सीरीज सामने आ सकती है।

सिनेमाई एजेंडे और पड़ोसी राज्यों पर कटाक्ष
हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर’ का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए काल्पनिक बातों को फिल्मों के जरिए वास्तविकता बनाकर पेश कर रही है। हालांकि, जनता ने ‘धुरंधर’ का जवाब ‘धुआंधार’ तरीके से देकर यह बता दिया है कि वह अब बहकावे में आने वाली नहीं है। पड़ोसी राज्य बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ‘डिमोशन’ करते हुए उन्हें धीरे-धीरे रिटायरमेंट की राह दिखा दी है। अखिलेश के इन तेवरों से साफ है कि वे आने वाले समय में केवल चुनावी मैदान में ही नहीं, बल्कि वैचारिक और सामाजिक मोर्चे पर भी भाजपा की घेराबंदी करने के लिए तैयार हैं।

0Shares

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *